अहिप के प्रांत संगठन मंत्री वेद सचान ने कहा, महाआरती के दौरान यह सवाल भी उठाया जाएगा कि राम मंदिर निर्माण का मामला सर्वोच्च न्यायालय में होने से मोदी सरकार की चुप्पी समझ में आती है लेकिन सुप्रीम कोर्ट से पांच बार निर्देश देने के बावजूद समान नागरिक संहिता लागू करने पर मौन रहने की क्या वजह है ?
मोदी सरकार कम से कम समान नागरिक संहिता को ही लागू कर दे तो हिंदुओं को उस पर भरोसा हो जाए।
सचान ने बताया कि ज्ञापन में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, अधिग्रहीत किए जा चुके मठ-मंदिरों को हिंदू समाज को वापस करने और इन पर आ रहे चढ़ावे को मंदिरों के विकास पर ही व्यय करने सहित बांग्लादेशी व रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की मांगें भी शामिल होंगी।
बताया कि महाआरती का कानपुर में वह खुद नेतृत्व करेंगे। लखनऊ में अशोक सेंगर, हरदोई में अंकुर अवस्थी, सीतापुर में गणेश त्रिपाठी, गोंडा में इंद्रबली, बाराबंकी में संजय तिवारी को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।