अमर उजाला से बात करते हुए आलोक ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है। इसका पालन सुनिश्चत कराया जा रहा है। हर रास्ते पर दो-दो युवक को लाठी के साथ पहरा पर लगाया गया है।
दोस्तों व रिश्तेदारों को गांव में आने से इसलिए रोका गया है कि क्योंकि जब व्यक्ति जिंदा रहेगा तभी दोस्ती व रिश्तेदारी काम आएगी। आलोक ने बताया कि ग्रामीणों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई गई है, लेकिन उनकी जरूरत का सामान उनसे वार्ता कर उनके घर पर ही पहुंचाया जा रहा है। गांव को सैनिटाइज करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। चूने के साथ ही ब्लीचिंग का भी छिड़काव लगातार कराया जा रहा है।