परिक्रमा को लेकर विहिप व संघ परिवार शनिवार को अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। सरकार की सख्ती के बीच विश्व हिंदू परिषद ने फिर दोहराया कि रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 84 कोसी परिक्रमा शुरू होगी।
संत और श्रद्धालु सुबह 9 बजे सरयू तट पर परिक्रमा शुरू करने से पहले पूजन करेंगे। शनिवार को दिन भर लखनऊ से लेकर अयोध्या तक विहिप सहित संघ परिवार की बैठकों का सिलसिला जारी रहा। सरकार की तरफ से होने वाली कार्रवाई और उसके जवाब की रणनीति बनती रही।
जानकारी के मुताबिक, परिक्रमा पर प्रतिबंध के मद्देनजर संघ की तरफ से सभी संबंधित संगठनों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने दावा किया कि अशोक सिंघल को रोकना आसान नहीं होगा।
यह बात पहले भी साबित हो चुकी है। इस बीच, लखनऊ और अयोध्या में पहुंच चुके विहिप के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने सरकार के रुख के मद्देनजर अपने ठिकाने बदल लिए, ताकि रात में उनकी गिरफ्तारी न हो सके।
अयोध्या में विहिप पदाधिकारी कारसेवकपुरम् से दूसरी जगह चले गए। लखनऊ में भी विहिप के पदाधिकारियों ने श्रीराम भवन की जगह दूसरी जगहों पर अपना डेरा जमा लिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विहिप के पदाधिकारियों के कोर ग्रुप ने शनिवार को यहां भगवा खेमे की पूरी तैयारी की समीक्षा की तथा जरूरी निर्देश दिए।
पता चला कि भाजपा नेताओं को भी परिक्रमा के मद्देनजर स्थिति विशेष में सड़कों पर उतरने का निर्देश देने को कहा गया। यह हिदायत भी दी गई है कि नौबत अगर गिरफ्तारी की आए तो सामूहिक गिरफ्तारियां दी जाएं।