सपा प्रवक्ता और जेल एवं खाद्य रसद मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश को अशांति और सांप्रदायिकता की आग में झुलसाने की साजिशों को आम जनता ने नाकाम कर दिया।
इसके लिए उन्होंने अयोध्या और प्रदेश के लोगों को बधाई दी जिन्होंने विहिप-भाजपा की असमय शुरू की गई परिक्रमा से खुद को अलग रखा। बड़ी तादाद में साधु-संतों ने भी सांप्रदायिक ताकतों का मोहरा बनने से इन्कार कर दिया। लोगों ने विकास और कानून के राज में भरोसा जताया है।
चौधरी ने कहा, हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विहिप की परिक्रमा को धार्मिक व परंपरागत मानने से इन्कार कर दिया और इस पर लगी रोक हटाने की याचिका निरस्त कर दी।
इसके बाद भी परिक्रमा जारी रखने की जिद पूरी तरह से कानून की अवहेलना है। भाजपा ने विहिप के साथ खुद को जोड़कर संविधान का अपमान किया है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि विहिप-भाजपा की नई साजिश के प्रति कांग्रेस का रुख स्पष्ट नहीं है।
सांप्रदायिकता के हथकंडों का विरोध करने में कांग्रेस की नाकामी जाहिर है। सपा ही सांप्रदायिक ताकतों को रोकने की कूबत रखती है। सपा के कारण ही दिल्ली में यूपीए की सरकार बन पाई है।
सपा प्रवक्ता ने कहा, उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्षता और विकास की पक्षधर है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विकास का एजेंडा देते हुए सामाजिक न्याय की ताकतों को मजबूत बनाने का काम किया है।
सामाजिक विषमता और क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। विकास विरोधी ताकतें प्रदेश की प्रगति में रोड़ा अटकाने की साजिश कर रही हैं। जनता उनसे अच्छी तरह निपटना जानती है।
जनता ने बसपा के पांच साल के शासन में प्रदेश की बर्बादी होते देखी है। इस दौरान देश-दुनिया में यूपी की बदनामी हुई। सपा सरकार प्रगति विरोधियों के मंसूबे सफल नहीं होने देगी।