विश्व हिंदू परिषद व राज्य सरकार के बीच एक बार फिर शक्ति परीक्षण हो सकता है। विहिप ने 18 अक्टूबर को देश भर में संकल्प सभाओं का ऐलान कर रखा है।
इन सभाओं में लोग अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष का संकल्प लेंगे। विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल के ऐलान के मुताबिक, देश भर में एक लाख स्थानों पर ये सभाएं होनी हैं।
अब देखने की बात यह है कि 84 कोसी परिक्रमा पर सख्ती दिखाने वाली प्रदेश सरकार विहिप के इस कार्यक्रम को लेकर किस तरह का रुख अपनाती है।
अफसरों को झटका देकर हुआ 84 कोसी परिक्रमा का समापन
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि उच्च न्यायालय के फैसले से साबित हो चुका है कि जिसे विवादित स्थल कहा जा रहा है, वहां पहले मंदिर था।
कांग्रेस सहित तमाम राजनीतिक दलों व अन्य संगठनों ने ऐलान किया था कि संबंधित स्थल पर अगर पहले मंदिर होने की बात साबित हो जाएगी तो वे लोग खुद आगे आकर मंदिर निर्माण कराएंगे, लेकिन न्यायालय के फैसले पर सभी ने चुप्पी साध ली है।
सांसदों व विधायकों से संपर्क के दौरान निजी तौर पर सभी मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं, पर वोट के भय से कोई सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन करने को तैयार नहीं हो रहा है। ऐसे में विहिप के पास जनता के बीच जाने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है।