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जानिए किसने लगाया सपा, भाजपा पर मिलीभगत का आरोप

Fri, 21 Nov 2014 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा के लगातार हंगामे के बीच विधानसभा में मंगलवार को चार विधेयक ध्वनिमत से पारित किए गए। बसपा ने भाजपा और सपा पर मिलीभगत से कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाते हुए सदन से वाकआउट किया।
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वेल में भाजपा के धरने के कारण शून्य काल नहीं हो सका।
प्रश्न प्रहर में पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह की टिप्पणी से शुरू हुआ भाजपा सदस्यों का हंगामा दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित होने तक जारी रहा।

भाजपा विधायक वेल में आकर धरने पर बैठे रहे। प्रश्न प्रहर के बाद भी धरना समाप्त नहीं हुआ तो अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने 12.50 बजे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

एक बजे फिर दस मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। 1.10 पर भी सदन सुचारू नहीं हुआ तो फिर दस मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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गो हत्यारों को फांसी देने के लगे नारे

1.20 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह से उनका विवादित बयान वापस लेने की मांग की। मंत्री जवाब देने के लिए नहीं उठे तो भाजपा सदस्य वेल से अध्यक्ष के आसन की तरफ बढ़ने लगे।

मार्शलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भाजपा सदस्यों की उनसे धक्का-मुक्की हुई। शून्य काल में अध्यक्ष ने सभी सदस्यों के नोटिस पढ़ते हुए उन्हें स्वीकार कर लिया। नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि इन सूचनाओं को बुधवार को ले लिया जाए।

संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि कल का काम कल देखा जाएगा। भाजपा सदस्यों ने गोवध हत्यारों को फांसी दो, गोवध बंद करो जैसे नारे लगाए।

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