राज्यपाल राम नाईक व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय शनिवार को जब राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर सदन की घटना पर अफसोस जताया तो नाईक ने उन्हें संविधान का पाठ भी पढ़ा।
नाईक ने 2 जून, 1949 को संविधान सभा में राज्यों प्रशासनिक एवं विधायी जैसे विषयों पर मुख्यमंत्रियों से सूचनाएं और अभिलेख आदि तलब करने संबंधी राज्यपालों के अधिकारों और मुख्यमंत्रियों के कर्तव्यों पर हुई बहस की प्रति विस अध्यक्ष को सौंपी।
इसमें खास तौर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की बहस का उल्लेख है। संविधान सभा में अनुच्छेद 147 पर यह बहस शुरू हुई थी जिसे अंतत: संविधान सभा द्वारा वर्तमान संविधान के अनुच्छेद 167 के रूप में स्वीकार किया गया था।