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आजम खां की बयानबाजी पर राज्यपाल से मिले विधानसभा के अध्यक्ष

Sat, 09 Apr 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल राम नाईक व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय - फोटो : amar ujala
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय शनिवार को जब राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर सदन की घटना पर अफसोस जताया तो नाईक ने उन्हें संविधान का पाठ भी पढ़ा।
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नाईक ने 2 जून, 1949 को संविधान सभा में राज्यों प्रशासनिक एवं विधायी जैसे विषयों पर मुख्यमंत्रियों से सूचनाएं और अभिलेख आदि तलब करने संबंधी राज्यपालों के अधिकारों और मुख्यमंत्रियों के कर्तव्यों पर हुई बहस की प्रति विस अध्यक्ष को सौंपी।

इसमें खास तौर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की बहस का उल्लेख है। संविधान सभा में अनुच्छेद 147 पर यह बहस शुरू हुई थी जिसे अंतत: संविधान सभा द्वारा वर्तमान संविधान के अनुच्छेद 167 के रूप में स्वीकार किया गया था।
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राज्यपाल ने यह भी बताया- क्यों रोके विधेयक

भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने विस अध्यक्ष को बताया कि राज्यपाल ने अध्यक्ष को बताया कि उन्होंने किन कारणों से उत्तर प्रदेश नगर पालिका विधि (संशोधन) विधेयक 2015, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक 2015 उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2015, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई इटावा विधेयक 2015, उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त तथा उप लोक आयुक्त (संशोधन) विधयेक 2015 तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान विधेयक 2015 को रोक रखा है।

राज्यपाल ने उन्हें बताया कि इसकी जानकारी वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी दे चुके हैं। विस अध्यक्ष ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें इस बात की कतई जानकारी नहीं थी कि राज्यपाल द्वारा विधेयकों को रोके  जाने के कारणों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराया जा चुका है।
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