लखनऊ। गाड़ियों के प्रदूषण की जांच के लिए परिवहन विभाग अब केरल का सिस्टम लागू करेगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा।
प्रदूषण केंद्रों के संचालकों को केरल की टीम से प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। अभी लखनऊ सहित सभी जिलों में पुराने सॉफ्टवेयर पर ही काम हो रहा है। इसकी रीडिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में देशभर के परिवहन विभागों के अफसरों ने प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर ऑनलाइन बैठक की थी। यूपी के अफसरों ने अपनी व्यवस्था के बारे में बताया, जिस पर सवाल उठे। इस दौरान केरल के अधिकारियों ने बताया कि वहां प्रमाणपत्र जारी करने वाला सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। वहां की मशीनें भी अपडेटेड हैं। प्रदूषण की रीडिंग संचालक लेते हैं और इसकी रिपोर्ट परिवहन विभाग को सौंपते हैं। इसके बाद विभाग मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को प्रमाणपत्र जारी करता है। परिवहन विभाग के उप आयुक्त राधेययाम ने बताया कि वाहन सॉफ्टवेयर के साथ प्रदूषण सॉफ्टवेयर को जोड़ा जाएगा। इससे जांच में पादर्शिता रहेगी।