अग्निपीड़ितों से मिलते सांसद वरुण गांधी
- फोटो : amar ujala
करीब चार माह के बाद भाजपा सांसद वरुण गांधी बृहस्पतिवार को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे। बताते चलें कि इससे पहले वह 27 दिसंबर 2016 को यहां आए थे। उनके क्षेत्र में न आने से आजिज कुछ लोगों ने विगत 5 मई को नगर कोतवाली में उनकी गुमशुदगी को लेकर तहरीर भी दी थी।
सांसद ने बल्दीराय के बीही निदूरा गांव पहुंचकर अग्निपीड़ितों का दर्द बांटा। सांसद ने आग में अपना सब कुछ गवां चुके 52 परिवारों में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई 15 लाख 92 हजार रुपये आर्थिक सहायता बांटी।
आवास, हैंडपंप के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। करीब चार माह के बाद अपने एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे सांसद वरुण गांधी बृहस्पतिवार को अपने व्यस्ततम कार्यक्रम में सबसे पहले बल्दीराय बीही निदूरा गांव पहुंचे।
उन्होंने आग से जले मकानों का जायजा लेने के साथ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से अग्निपीड़ितों को उपलब्ध कराई गई सहायता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
प्रदान की सहायता राशि
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वरुण गांधी ने कहा कि वे सुख में भले न पहुंचे लेकिन दुख में जरूर पहुंचेंगे। इसके बाद सांसद पिछले दिनों दुर्घटना में दिवगंत पत्रकार राजुल निगम के घर पहुंचे। पत्रकार को श्रद्घांजलि देते हुए उन्होंने पीड़ित पत्नी, दोनों बच्चे व अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
सांसद ने पत्रकार की पत्नी को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी। इसके बाद सांसद ने खरसोमा, निहाएं, पीढ़ी, मुइलीतिवारीपुर, बगियागांव, हमजाबाद, दियरा, अन्नपूर्णानगर में कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
गांव का नाम रंडौली से अन्नपूर्णानगर होने पर कहा कि ग्रामीणों की लड़ाई में मैंने भी साथ दिया और गांव का नाम बदल गया। कार्यक्रमों में ग्रामीणों की समस्याएं जानीं एवं उन्हें दूर करने का आश्वासन दिया।
कहा कि यहां से मेरे परिवार का पिताजी का रिश्ता रहा है। यहां राजनीति करने नहीं बल्कि लोगों का दर्द बांटने एवं विकास करने आया हूं। मुसाफिरखाना में पूर्व जिलाध्यक्ष करुणाशंकर द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी आदि ने उनका स्वागत किया।