प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि सरकार जल्द ही पॉलीटेक्निक कॉलेजों में शिक्षकों की भर्तियां करेगी। इन कॉलेजों में बहुत से पद रिक्त हैं, जिसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसलिए सरकार ने रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है।
बताया कि चूंकि शिक्षकों की भर्ती उप्र लोक सेवा आयोग द्वारा होती है, इसलिए विलंब हो रहा है। कुछ शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोग को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा, शिक्षकों से सरकार को बहुत उम्मीद है, इसलिए शिक्षक भी कड़ी मेहनत से छात्रों को पढ़ा कर सरकार का एजेंडा पूरा करें।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री सोमवार को गन्ना संस्थान के सभागार में आयोजित उप्र प्राविधिक शिक्षा संघ (यूपीटेसा) के वार्षिक अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, सरकार की मंशा है कि तकनीक के क्षेत्र में नित नए बदलाव को देखते हुए पॉलीटेक्निक की पढ़ाई को भी उसी के मुताबिक बदला जाए। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों से सुझाव भी मांगा। कहा, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जरूरी है और शासन ने अपना काम शुरू कर दिया है।
सरकार करना चाहती है परिवर्तन
डेमो
मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और अधिकारी पहले दिन से कठोर मेहनत, समर्पण और निष्ठा से काम कर रहे हैं। इसलिए पॉलीटेक्निक शिक्षक भी प्रदेश के विकास में योगदान दें।
संघ द्वारा सौंपे गए मांगों की चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा, हमारी सीमा में जो मांग होगी, उसका निस्तारण जरूर होगा। सरकार प्राविधिक शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करना चाहती है।
पॉलीटेक्निक कॉलेजों में सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा। इससे पहले संघ केअध्यक्ष अशोक कुशवाहा ने मंत्री का स्वागत किया। बाद में उन्हें मांग पत्र सौंपा गया।
इसमें पॉलीटेक्निक में भी एआईसीटीई का वेतनमान लागू करने, प्रधानाचार्य पदों पर गैरतकनीकी लोगों को तैनात नहीं करने, शिक्षकों के लंबित एसीपी को शीघ्र स्वीकृत करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत कुल 15 मांगें शामिल हैं।