गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए कांग्रेस ने भी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रबंधन के लिए दूसरे राज्यों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की फौज लगाई गई है। पार्टी के स्टार प्रचारक अब सहयोगी दल सपा के उम्मीदवारों के लिए भी प्रचार में जुट गए हैं।
सोशल मीडिया के जरिये भी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली, राजस्थान, बिहार, हरियाणा के कई नेता जहां लखनऊ में इलेक्शन मैनेजमेंट संभालने में लगे हैं, वहीं एक-दो दिन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत अन्य दिग्गज नेताओं के भी प्रचार अभियान और चुनाव प्रबंधन के लिए लखनऊ पहुंचने की संभावना है।
कांग्रेस मुख्यालय के अलावा पार्टी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपनी टीम के साथ एक अलग वॉर रूम तैयार किया है, जहां से सपा के साथ समन्वय और प्रचार अभियान को धार देने की कवायद चल रही है।
सपा के साथ-साथ कांग्रेस ने भी अपने चुनाव अभियान को व्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। कांग्रेस में दो स्तर पर चुनाव अभियान का मैनेजमेंट किया जा रहा है।
पर्दे के पीछे से चुनाव अभियान की बागडोर प्रशांत किशोर संभाले हैं। यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ बेहतर तालमेल न बन पाने के कारण प्रशांत किशोर ने अपना अलग कार्यालय बनाया है।
वहीं सारी रणनीति बनाकर सीधे सपा और कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाई जा रही है। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में डॉ. आर.पी. त्रिपाठी को समन्वय के लिए लगाया गया है।