प्रदेश विधानमंडल का सत्र 19 जून से प्रारंभ होगा। बजट 20 जून को पेश किया जाएगा। मौजूदा राजनीतिक हालात में सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है।
सदन में अपनी रणनीति तय करने के लिए सपा, बसपा, भाजपा और रालोद ने बुधवार को विधानमंडल दल की बैठकें बुलाईं।
बसपा ने अपनी बैठक में संकेत दिए कि वह सदन में सपा सरकार को बलात्कार, बदहाल कानून व्यवस्था और गन्ना किसान भुगतान मुद्दे पर घेरेगी।
बसपा ने रमजान माह में यूपी सरकार की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान उठाया और सीएम के इस्तीफे की मांग कर डाली। बैठक में मौजूद नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्या और आर.के चौधरी मौजूद थे।
भाजपा के हौसले बुलंद, बाकी पार्टियों में निराशा
विधानमंडल का बजट सत्र ऐसे समय आहूत किया गया है जब लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार का सामना करना पड़ा। बसपा की स्थिति तो और भी खराब रही।
उसका एक भी लोकसभा सदस्य नहीं चुना जा सका। राष्ट्रीय लोकदल का भी खाता नहीं खुल सका। इसके विपरीत भाजपा ने 71 और उसके सहयोगी अपना दल ने दो लोकसभा सीटें जीती हैं।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा नेताओं के हौसले बुलंद हैं। खराब प्रदर्शन के बावजूद बसपा लगातार सपा सरकार पर हमले कर रही है।
बसपा सुप्रीमो मायावती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग कर रही हैं। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा भी आक्रामक है।
फिरोजाबाद का मुद्दा भी उठाएगा विपक्ष
लोकसभा चुनाव के बाद जहां बदायूं समेत कई स्थानों पर बलात्कार और हत्याओं की घटनाएं हुईं वहीं फिरोजाबाद में दो सिपाहियों की हत्या कर दी गईं।
पिछले दस दिन में चार भाजपा नेताओं की हत्याएं हुई हैं जबकि कुछ घायल हैं। भाजपा विधानसभा में इसे मुद्दा बनाएगी। इसी तरह गन्ना मूल्य पर भाजपा ने धरना, प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
सदन में बसपा के निशाने पर भी सपा सरकार रहेगी। बसपा विधायक जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी में पीछे नहीं रहना चाहेंगे।
कांग्रेस भी कानून व्यवस्था, महिलाओं पर अपराध, बिजली संकट और किसानों की बदहाली को मुद्दा बनाएगी। आठ सदस्यों वाले राष्ट्रीय लोकदल के एजेंडे में सबसे ऊपर गन्ना मूल्य रहेगा।
अपराधों, बकाया भुगतान पर सरकार को घेरेंगे: सिद्दीकी
मुख्य विपक्षी पार्टी बसपा सूबे की बदहाल कानून-व्यवस्था, ठप विकास कार्य, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और बाढ़ से निपटने की तैयारी में उदासीनता जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को सदन में घेरेगी।
बसपा ने सदन के भीतर पार्टी की रणनीति तय करने के लिए बुधवार शाम प्रदेश मुख्यालय पर विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है। बसपा नेता व विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वे सदन में ये मामले उठाएंगे।
सरकारी की विफलताओं का पर्दाफाश करेंगे: वाजपेयी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। कानून व्यवस्था, बिजली और गन्ना किसानों के साथ ही अन्य मुद्दों को जोरशोर से उठाया जाएगा।
कांग्रेस भी घेरेगी अखिलेश सरकार को
कांग्रेस प्रदेश में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि सदन में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है।
प्रदेश की जनता बिजली व पानी को लेकर त्राहिमाम कर रही है और प्रदेश सरकार चैन की बंशी बजा रही है।
राष्ट्रीय लोकदल गन्ना किसानों की बदहाली समेत जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी करेगा।
मुद्दा विहीन हैं विपक्षी दल: सपा
कारागार मंत्री और सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि विपक्षी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं है।
वे विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं। विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के हर हमले का जवाब देने केलिए सपा सरकार तैयार है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सक्षम नेतृत्व में न सिर्फ उत्तर प्रदेश सुरक्षित है बल्कि विपक्षियों के अनर्गल और अनावश्यक अवरोधों के बाद भी राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है।
विपक्षी दल कानून व्यवस्था और महिलाओं के प्रति यौन हिंसा की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।