इसके बाद 1955 से 1961 तक उप्र के साथ यह संयोग जुड़ा रहा। नेहरू प्रधानमंत्री व लोकसभा में नेता सदन थे। राज्यसभा में नेता सदन की कुर्सी गोविंद बल्लभ पंत के पास रही। फिर 1971 से 1977 तक दोनों सदनों में नेता सदन की कुर्सी यूपी के पास रही।
लोकसभा में नेता सदन व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी जबकि राज्यसभा में उमाशंकर दीक्षित और कमलापति त्रिपाठी नेता सदन रहे। जनता पार्टी की सरकार में चौधरी चरण सिंह 1979 तक प्रधानमंत्री व लोकसभा में नेता सदन थे जबकि कृष्णचंद पंत राज्यसभा में नेता सदन रहे।