सीएम ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर केसों के जल्द निस्तारण के लिए 25 नए न्यायालयों की स्थापना की जाएगी। केंद्र की मोदी सरकार ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक के इलाज की मुफ्त सुविधा देने जा रही है। इसका शत-प्रतिशत प्रीमियम सरकार देगी।
निर्दोषों पर नहीं होगी कार्रवाई
आंबेडकर महासभा ट्रस्ट की मांग पर सीएम ने कहा कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं में किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। अगर कोई अधिकारी किसी निर्दोष को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एससी-एसटी के विकास के लिए अलग से कमीशन
सीएम ने कहा कि सरकार एससी-एसटी जातियों के विकास के लिए अलग से कमीशन का गठन करेगी। यह कमीशन देखेगा कि किस तरह योजनाओं का लाभ वंचितों तक पहुंचे। दलितों को जमीनों का पट्टा दिया जाएगा।
अगर वे आरक्षित श्रेणी की जमीन पर बसे हैं तो उन्हें उसी गांव में अन्यत्र जमीन देकर बसाया जाएगा। मुसहर जाति के प्रत्येक आवासहीन व्यक्ति को एक आवास और जमीन का पट्टा दिया जाएगा। बीपीएल परिवारों की बच्चियों की शादी के लिए सामूहिक विवाह योजना के तहत 250 करोड़ रुपये और शादी अनुदान के तौर पर 121 करोड़ रुपये की बजट में व्यवस्था की गई है।
योगी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गरीबों व दलितों के हितों में जो भी कदम उठा रही है, उसका श्रेय डॉ. भीमराव आंबेडकर को जाता है। भाजपा सरकार ने ही ब्रिटेन और भारत में आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थों के रूप में विकसित किया। विपक्षी दलों ने नारे तो बहुत लगाए, पर 35 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोलने का काम मोदी सरकार ने ही किया।
यूपी में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक साल में गरीबों के लिए 8.85 लाख आवास, 40 लाख शौचालय, 37 लाख लोगों को राशन कार्ड और 32 लाख घरों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिया है। वर्ष 2019 तक हर गरीब के घर में बिजली का बल्ब जगमगाएगा।