सपा पूर्वांचल में अपने ही लोगों से घिरती जा रही है। एक तरफ टिकट वितरण में देरी और दूसरी तरफ टिकटों की अदला-बदली से पार्टी नेताओं के बीच रार बढ़ती जा रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता दूसरे दलों से ताल ठोंककर सपा की घेराबंदी में जुट गए हैं।
अंतिम चरण में शामिल पूर्वांचल के नौ जिलों में नामांकन की अंतिम तिथि 17 फरवरी है। मंगलवार को अवकाश है। इससे अब नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। इसके बाद भी सपा अब तक 34 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं कर पाई है।
कुछ उम्मीदवारों को गुपचुप तरीके से सिंबल से संबंधित पत्र दिए भी तो वहां अब अदला-बदली का खेल चल रहा है। जौनपुर सदर में तेज बहादुर को नामांकन करने से रोक दिया गया है, लेकिन प्रत्याशी पर फैसला नहीं हुआ है। मछली शहर से चार बार से लगातार विधायक पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर भी टिकट के इंतजार में हैं।
उनके समर्थक लखनऊ पहुंचकर सोनकर के अलावा किसी दूसरे की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। मधुबन में सुधाकर सिंह की जगह उमेश पांडेय को टिकट देने की चर्चा है। इन जिलों की अन्य सीटों पर अब तक दावेदार सामने नहीं हैं। ऐसे में जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी आदि जिलों के ज्यादातर नेता चुनाव प्रचार के बजाय लखनऊ में डेरा डाले हैं।