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UP Chunav 2022: पूर्वांचल में ‘अपनों’ ने की सपा की घेराबंदी, टिकट वितरण में देरी और टिकटों की अदला-बदली से बढ़ी रार

चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 15 Feb 2022 10:02 AM IST

सार

पूर्वांचल में टिकट वितरण में देरी और टिकटों की अदला-बदली से  समाजवादी पार्टी के नेताओं में रार बढ़ गई है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता दूसरे दलों से ताल ठोंककर सपा की घेराबंदी में जुट गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सपा पूर्वांचल में अपने ही लोगों से घिरती जा रही है। एक तरफ टिकट वितरण में देरी और दूसरी तरफ टिकटों की अदला-बदली से पार्टी नेताओं के बीच रार बढ़ती जा रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता दूसरे दलों से ताल ठोंककर सपा की घेराबंदी में जुट गए हैं।

अंतिम चरण में शामिल पूर्वांचल के नौ जिलों में नामांकन की अंतिम तिथि 17 फरवरी है। मंगलवार को अवकाश है। इससे अब नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। इसके बाद भी सपा अब तक 34 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं कर पाई है। 


कुछ उम्मीदवारों को गुपचुप तरीके से सिंबल से संबंधित पत्र दिए भी तो वहां अब अदला-बदली का खेल चल रहा है। जौनपुर सदर में तेज बहादुर को नामांकन करने से रोक दिया गया है, लेकिन प्रत्याशी पर फैसला नहीं हुआ है। मछली शहर से चार बार से लगातार विधायक पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर भी टिकट के इंतजार में हैं। 

उनके समर्थक लखनऊ पहुंचकर सोनकर के अलावा किसी दूसरे की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। मधुबन में सुधाकर सिंह की जगह उमेश पांडेय को टिकट देने की चर्चा है। इन जिलों की अन्य सीटों पर अब तक दावेदार सामने नहीं हैं। ऐसे में जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी आदि जिलों के ज्यादातर नेता चुनाव प्रचार के बजाय लखनऊ में डेरा डाले हैं। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सपा पूर्वांचल में अपने ही लोगों से घिरती जा रही है। एक तरफ टिकट वितरण में देरी और दूसरी तरफ टिकटों की अदला-बदली से पार्टी नेताओं के बीच रार बढ़ती जा रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता दूसरे दलों से ताल ठोंककर सपा की घेराबंदी में जुट गए हैं।

अंतिम चरण में शामिल पूर्वांचल के नौ जिलों में नामांकन की अंतिम तिथि 17 फरवरी है। मंगलवार को अवकाश है। इससे अब नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। इसके बाद भी सपा अब तक 34 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं कर पाई है। 

कुछ उम्मीदवारों को गुपचुप तरीके से सिंबल से संबंधित पत्र दिए भी तो वहां अब अदला-बदली का खेल चल रहा है। जौनपुर सदर में तेज बहादुर को नामांकन करने से रोक दिया गया है, लेकिन प्रत्याशी पर फैसला नहीं हुआ है। मछली शहर से चार बार से लगातार विधायक पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर भी टिकट के इंतजार में हैं। 

उनके समर्थक लखनऊ पहुंचकर सोनकर के अलावा किसी दूसरे की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। मधुबन में सुधाकर सिंह की जगह उमेश पांडेय को टिकट देने की चर्चा है। इन जिलों की अन्य सीटों पर अब तक दावेदार सामने नहीं हैं। ऐसे में जौनपुर, मऊ, गाजीपुर, वाराणसी आदि जिलों के ज्यादातर नेता चुनाव प्रचार के बजाय लखनऊ में डेरा डाले हैं। 
 

दूसरी तरफ बसपा से सपा में आए मुबारकपुर से विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को टिकट नहीं मिला तो वे एआईएमएआईएम के टिकट पर ताल ठोंक रहे हैं। यहां सपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव को टिकट दिया है। छठे चरण में शामिल फाजिलनगर में सपा प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी मैदान में हैं।

इसी तरह जहूराबाद में सपा-सुभासपा उम्मीदवार ओम प्रकाश राजभर के सामने बसपा के टिकट पर प्रसपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रही शादाब फातिमा मैदान में हैं। डुमरियागंज से सपा उम्मीदवार सैय्यदा खातून के सामने प्रसपा के प्रदेश महासचिव इरफान मलिक एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्वांचल की अन्य कई सीटों पर भी ऐसी रार बढ़ती जा रही है।

सपा ने तीन को पार्टी से निकाला
पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद सपा ने कुशीनगर में राज्य कार्यकारिणी सदस्य इलियास अंसारी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. इरफान अहमद व पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज अंसारी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि इन सभी को पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से पार्टी से निकाला गया है।
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