रमजान के महीने में तेल और रिफाइंड ऑयल की मांग बढ़ती देख धंधेबाज शहर में खुलेआम ब्लेंडेड ऑयल को सरसों का तेल बता कर बेच रहे हैं। इसके लिए वे उपयोग किए जा चुके टिनों को ही बाहर से साफ सुथरा कर उसमें मिलावटी और घटिया तेल भरने का खेल कर रहे हैं।
प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे री-पैकिंग के इस गोरखधंधे पर रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन से लेकर एफएसडीए प्रशासन तक के अधिकारी आंखें मूंदे हैं,जबकि उनकी कार्रवाइयां सिर्फ सैंपलिंग तक सीमित हैं।
एफएसडीए अधिकारियों की उदासीनता के कारण कानपुर और लखनऊ से जुड़े खाद्य तेल कारोबारी मोटा मुनाफा कमाने के इस खेल में 15 किलो के एक टिन पर 150 से 200 रुपये फायदा उठाया रहे हैं।