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बड़ी खबरः बदल गया यूपीटीयू परीक्षा का पूरा पैटर्न

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गुणवत्ता परक शिक्षा और छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम का पूरा ज्ञान देने के लिए उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) ने परीक्षाओं के लिए अपने प्रश्नपत्र के पैटर्न में अहम बदलाव किए हैं। अब प्रश्नपत्र तीन सेक्शन में बंटा होगा।
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इसमें से पहले सेक्शन में लघु उत्तर वाले, दूसरे में मध्यम उत्तर वाले और तीसरे में दीर्घ या विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। नया पैटर्न इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि अभ्यर्थी न सिर्फ पूरे पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करे बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो।

पुराने प्रश्नपत्र के पैटर्न में कुल पांच प्रश्न पूछे जाते थे। इनमें से पहले में सात या आठ में से पांच प्रश्नों के उत्तर देने होते थे जिनमें से प्रत्येक 4-4 अंक का होता। इसके बाद प्रश्न संख्या दो से पांच तक सभी प्रश्न में तीन-तीन सेक्शन होते थे। अभ्यर्थी को प्रत्येक प्रश्न के दो-दो सेक्शन करने होते थे।
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तीनों सेक्शन में प्रश्नों का वर्गीकरण तीन हिस्सों में किया जाएगा। पहला मेमोरी बेस्ड जिसमें विषय की थ्योरी या उसके कॉन्सेप्ट से संबंधित सवाल होगा। दूसरा एप्लीकेशन बेस्ड जिसमें छात्र-छात्राओं को असल जीवन से जुड़ी कोई समस्या बताकर उसे फॉर्मुला का प्रयोग करके हल करने को कहा जाएगा।

तीसरा इवेल्यूएशन बेस्ड। इसमें कोई समस्या देकर पूछा जाएगा कि यदि उसे हल करने के दो-तीन या अधिक तरीके हैं तो कौन सा अधिक उपयुक्त होगा। छात्र-छात्राओं को इसकी विस्तार से जानकारी देनी होगी। इस वर्गीकरण से आसानी से पता चलेगा कि छात्र-छात्राओं ने कितने बेहतर तरीके से पढ़ाई की है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्र-छात्राओं को तैयार करने के लिए लघु प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए यूपीटीयू के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए जरूरी है कि परीक्षा के माध्यम से ये भी जाना जाए कि छात्र-छात्राओं ने कितना सीखा। प्रश्नपत्र का पैटर्न इसी बात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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ऐसा होगा नया प्रश्नपत्र

नए प्रश्नपत्र के पैटर्न में पहले सेक्शन में दो-दो अंक के दस लघु प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्र को सभी के जवाब देने होंगे। दूसरे सेक्शन में आठ प्रश्न में से कोई पांच करने होंगे। इनमें प्रत्येक प्रश्न 10-10 अंक के होंगे। तीसरे सेक्शन में तीन में से दो प्रश्न हल करने होंगे।

यह दीर्घ या विस्तृत उत्तर वाले होंगे। प्रत्येक प्रश्न 15-15 अंक का होगा। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शिक्षकोें ने बताया कि नया पैटर्न ऐसा है कि छात्र-छात्राओं को पूरा सिलेबस अच्छे से पढ़ना व समझना होगा। विस्तृत प्रश्न 15 अंक का है।

निश्चित रूप से इसके लिए जो भी प्रश्न आएगा उसके बारे में विस्तार में लिखना होगा। विस्तार में वही लिख सकता है जिसने विषय को ध्यान से पढ़ा हो। इसके अलावा पहले सेक्शन में दो-दो अंक के 10 प्रश्न अनिवार्य हैं जो सभी यूनिट कवर करेंगे।

यदि छात्र ध्यान से नहीं पढ़ेंगे तो इनका उत्तर देना आसान नहीं होगा और प्रत्येक प्रश्न के दो अंक का नुकसान हो सकता है। शिक्षण संस्थानों को भी नए पैटर्न के हिसाब से बेहतर पढ़ाई करानी होगी।

अभी तक यूपीटीयू में प्रश्नपत्र दो तरह के होते थे। जिनमें पढ़ाई के घंटे कम थे उनको हॉफ यूनिट माना जाता था। इन सब्जेक्ट के प्रश्नपत्र 50 अंक के होते थे। वहीं, जिनमें अधिक घंटे की पढ़ाई हो उनको फुल यूनिट कहते हैं और इनके प्रश्नपत्र 100 अंक के होते थे।

यूपीटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीएन मिश्रा ने बताया कि नए पैटर्न में सभी प्रश्नपत्र 100 अंक के होंगे चाहे वह हाफ यूनिट हों या फुल यूनिट। इसके अलावा पहले हाफ यूनिट सब्जेक्ट की परीक्षा दो घंटे और फुल यूनिट की तीन घंटे की होती थी, लेकिन बदले पैटर्न में सभी परीक्षाएं तीन घंटे की होंगी।

नए पैटर्न के हिसाब से ही यूपीटीयू में क्वेश्चन बैंक भी बनाया जाएगा। इसमें पेपर बनाने वाले शिक्षक सेक्शन और वर्गीकरण के अनुसार पहले से सभी तरह के बहुत से प्रश्न बनाकर तैयार कर लेंगे। परीक्षा के समय इनमें से अलग-अलग प्रश्न चुनकर पेपर तैयार कर लिया जाएगा। इस क्वेश्चन बैंक के बनने से परीक्षा के समय काफी सुविधा होगी।
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