नवगठित अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्राम विकास अधिकारी के 3133 पदों पर भर्ती के लिए नए सिरे से साक्षात्कार शुरू किया है। यह काम सात जून को पूरा हो जाएगा। दूसरी ओर विजिलेंस की जांच भी तेजी से चल रही है। सरकार का प्रयास है कि भर्ती की कार्यवाही और जांच से जुड़ा काम साथ-साथ पूरा हो। विजिलेंस की हरी झंडी मिली तो चयनित अभ्यर्थियों की सूची जून के अंत तक विभाग को भेजी जा सकती है।
उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने सपा शासनकाल में कनिष्ठ सहायक के लिए विज्ञापित 5317 में से 5315 पदों पर नए सिरे से इंटरव्यू करने का फैसला किया है। इंटरव्यू 12 जून से शुरू होकर आठ अगस्त तक चलेगा। जिन अभ्यर्थियों का पहले इंटरव्यू हो चुका है, उन्हें भी दोबारा देना होगा। आयोग ने पूर्व में इंटरव्यू के लिए सफल करार दिए गए सभी 12,525 अभ्यर्थियों का नए सिरे से इंटरव्यू लेने का फैसला किया है।
सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने पिछली सरकार में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निकाली गई भर्तियों के ऐसे 7300 पदों को जांच से बाहर कर दिया है, जिनमें केवल आवेदन ही लिए जा सके थे, आगे कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। अब आयोग इन पदों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
आयोग ने पहला विज्ञापन 13 मार्च को निकाला। इसमें व्यायाम प्रशिक्षक के 42 और क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 652 पदों पर आवेदन मांगे गए। 23 अप्रैल को आवेदन जमा करने की तिथि बीत चुकी है। आयोग इन पदों पर चयन लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा के जरिए करने का एलान किया है। आवेदन आने के बाद लिखित परीक्षा की तैयारी चल रही है। इस विज्ञापन में डेढ़ लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं।
आयोग नई भर्तियों का दूसरा विज्ञापन भी जल्द निकालने की तैयारी कर रहा है। इनमें कृषि प्राविधिक के 2000, ग्राम पंचायत अधिकारी के 1378 व नगर निकायों के अधिशाषी अधिकारी के 233 पद शामिल हैं। राजस्व लेखपाल के 5500 रिक्त पदों पर राजस्व परिषद से भर्ती प्रस्ताव का इंतजार है। प्रस्ताव आने पर इन पदों पर भर्ती से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
योगी सरकार ने समूह ‘ग’ व समूह ‘ख’ के अराजपत्रित पदों पर भर्तियों से इंटरव्यू की व्यवस्था पहले ही खत्म कर दी थी। आयोग ने अपने स्तर से भी चयन प्रक्रिया में सुधार की पहल की है। पहले लिखित परीक्षा दो पालियों में होती थी। अब एक ही पाली में परीक्षा होगी और केवल दो घंटे का समय होगा। परीक्षा में 200 सवाल आएंगे और प्रत्येक प्रश्न के दो नंबर होंगे। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक अंक) की व्यवस्था की गई है। दो प्रश्न गलत होने पर एक सही प्रश्न का अंक काटा जाएगा।
यूपी बोर्ड की कॉपियां जांचते परीक्षक।
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पिछली सरकार में आयोग ने अवर अभियंताओं के चयन में जमकर मनमानी की थी। महिलाओं के लिए आरक्षित 151 पदों में से 76 पर पुरुषों की भर्ती कर ली। दूसरे राज्य की 20 महिला इंजीनियरों को महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर चयनित कर दिया गया था। जबकि ऐसा नहीं हो सकता था। इसके अलावा 82 ऐसे इंजीनियरों को चयनित कर दिया गया जिनके नंबर कट ऑफ से भी कम थे। नि:शक्त श्रेणी के अवर अभियंताओं के पद पर चयन में भी मनमानी की गई। आयोग ने नियमानुसार संशोधित चयन सूची जारी की और 107 अपात्रों को बाहर कर पात्र अभ्यर्थियों का चयन कर न्याय दिलाया।