गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि नंदी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े अराजक तत्व समय-समय पर ऐसे प्रदर्शनों की आड़ में प्रदेश की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर अफवाह फैलाकर श्रमिकों को उकसाने में उनकी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच के लिए औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का एक पैनल गठित किया गया है। मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का औद्योगिक परिवेश एक आदर्श के रूप में उभरा है। सरकार के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश के "ग्रोथ इंजन" के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के साथ-साथ औद्योगिक श्रमिकों और कामगारों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। गौतमबुद्ध नगर की घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर बताया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की एकतरफा नीति है, जो पूंजीपतियों का पोषण करती है, लेकिन कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मजदूरों का शोषण। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग चंदा देने पूंजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवार वाला ही समझ सकता है।
नोएडा में कंपनी में आग लगाने की कोशिश
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नोएडा में हुए बवाल के बाद पूरे एनसीआर में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने 50 से अधिक ऐसे संदिग्ध अकाउंट चिन्हित किए हैं, जिनसे भड़काऊ पोस्ट और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही थीं।
इन अकाउंट्स के जरिए माहौल बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिश की आशंका जताई गई है। ये एकाउंट बीते 24 घंटे के भीतर बनाए गए हैं। मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है, जो इन सभी अकाउंट्स के डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक जो अकाउंट चिन्हित किए गए हैं वह लगातार श्रमिक आंदोलन से जुड़े भ्रामक नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे थे। ऐसे में इनकी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी ने नोएडा के सभी पुलिस अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर निर्देश दिए। स्पष्ट कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करें। श्रमिकों से संवाद स्थापित करें, जिससे किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।