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UP: प्रदेश में पहली बार हुआ हृदय प्रत्यारोपण, दिल्ली की डोनर का दिल एंबुलेंस से पहुंचा लखनऊ; इस तरह हुआ ऑपरेशन

Mon, 13 Apr 2026 08:34 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Heart Transplant in UP: लखनऊ पीजीआई ने सोमवार को एक नया इतिहास रच दिया है। यूपी में पहली बार हृदय प्रत्यारोपण किया गया।
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यूपी में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट का केस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संजय गांधी पीजीआई ने चिकित्सा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान में प्रदेश का पहला हृदय प्रत्यारोपण किया गया। दिल्ली निवासी डोनर से प्राप्त दिल ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लखनऊ लाया गया। यहां सीतापुर निवासी व्यक्ति को यह दिल प्रत्यारोपित किया गया।

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संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि संस्थान में हृदय प्रत्यारोपण की तैयारी पहले ही की जा चुकी थीं। डोनर न होने की वजह से अभी तक इसकी शुरुआत नहीं हुई थी। दिल्ली निवासी व्यक्ति के परिवार वालों ने ब्रेन डेड होने के बाद उसके अंगदान करने का फैसला किया था। अंगदाता के अन्य अंग, लिवर और गुर्दे, दिल्ली में ही प्रत्यारोपित किए गए। हृदय को त्वरित एयर एंबुलेंस के माध्यम से लखनऊ लाया गया, जिसके बाद ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग किया गया। यह दिल डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी नामक हृदय की मांसपेशियों की बीमारी से पीड़ित मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। प्रत्यारोपण के बाद मरीज की हालत सामान्य है।

एयर एंबुलेंस से लखनऊ लाया गया दिल, पांच घंटे चला ऑपरेशन
निदेशक ने बताया कि दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में दिल दान में मिलने की सूचना शनिवार को मिली थी। इसके बाद देखा गया कि किस मरीज को इसे प्रत्यारोपित किया जा सकता है। संयोग से सीतापुर निवासी मरीज इसके लिए उपयुक्त पाया गया। ऐसे में प्राइवेट एयर एंबुलेंस के माध्यम से दिल लखनऊ लाया गया। एयरपोर्ट से संस्थान की दूरी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर तय की गई। रविवार सुबह नौ बजे प्रत्यारोपण शुरू किया गया। करीब पांच घंटे चले ऑपरेशन के बाद प्रत्यारोपण पूरा हुआ।

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कई विभागों का रहा योगदान

संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर आरके धीमन
निदेशक ने बताया कि इस प्रक्रिया ने र्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी (सीवीटीएस)विभाग, कार्डियोलॉजी विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन और दिल्ली के आरएमएल अस्पताल की टीमें शामिल थीं। आरएमएल अस्पताल ने दिल्ली से अंग के सुचारू स्थानांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी बधाई
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संस्थान की इस उपलब्धि पर बधाई दी है। राज्यपाल ने कहा कि इदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे सभी की उन्नत उपचार तक पहुंच बढ़ेगी और राज्य भर में रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पहले सफल हृदय प्रत्यारोपण की उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी और इसे राज्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने कहा कि आने वाले दिनों में संस्थान प्रत्यारोपण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान बनाएगा।
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ऑपरेशन में लगी ये पूरी टीम

नर्स की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
सीवीटीएस: प्रोफेसर एस के अग्रवाल, प्रोफेसर शांतनु पांडे, प्रोफेसर मिलिंद होते, डॉ विजय अग्रवाल, डॉ मुंशी, डॉ सिद्धार्थ, डॉ अरीब, डॉ अवनींद्र, डॉ सौरभ, डॉ विवेक, डॉ हर्ष
कार्डियोलॉजी: प्रोफेसर आदित्य कपूर, प्रोफेसर रूपाली खन्ना, प्रोफेसर सत्येन्द्र तिवारी, डॉ अंकित साहू
एनेस्थीसिया: प्रोफेसर पुनीत गोयल, डॉ अमित रस्तोगी, डॉ पल्लव सिंह, डॉ नितिन त्रिवेदी, डॉ आनंदिता कश्यप, डॉ मलिका धवल, डॉ श्रद्धा गंगेले, प्रोफेसर संजय धीरज, प्रोफेसर देवेंद्र गुप्ता
परफ्यूजनिस्ट: राज कुमार यादव, संदीप कुमार
नर्सिंग स्टाफ: कलावती पाल, अरविंद, श्वेता, प्रेमलता, नमन, कुलदीप
 
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