हवाओं ने आसमान से बरसती आग से कुछ राहत दिलाई है। प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इन बदलावों से भ्रम में ना रहें, क्योंकि पारा फिर बढ़ेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के आसार जताए हैं। साथ ही 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। सोमवार को झांसी का तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां बारिश भी हुई। प्रयागराज में तापमान 39.7 डिग्री, लखनऊ में पारा 37.7 डिग्री रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि दो-तीन दिन बाद फिर मौसम बदलेगा।
हरदुआगंज की 660 मेगावाट की इकाई के चालू होने से उपलब्धता भी बढ़ी
लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम के करवट लेने से बिजली संकट से थोड़ी राहत मिली है। आपूर्ति में आंशिक सुधार हुआ है लेकिन गांवों और शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती अभी जारी है। हालांकि अधिकारी शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति का दावा कर रहे हैं लेकिन तमाम क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही का सिलसिला चल रहा है। इस बीच पिछले कई दिनों से तकनीकी कारणों से बंद चल रही हरदुआगंज की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई के चालू हो जाने से प्रदेश में बिजली की उपलब्धता में इजाफा हुआ है। पावर कार्पोरेशन पर मंगलवार को अक्षय तृतीया व ईद के मौके पर रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति का दबाव है। इसके लिए पावर कार्पोरेशन के आला अधिकारी सोमवार को पूरे दिन फील्ड के अधिकारियों को निर्देश देने में जुटे रहे।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के अधिकारियों के अनुसार बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट हुई जिससे बिजली की मांग में थोड़ी कमी हुई है। पिछले दो-तीन दिन से 23,000 मेगावाट के आसपास चल रही बिजली की मांग 21,000 मेगावाट के आसपास पहुंच गई। हालांकि सोमवार को दोपहर बाद फिर पारा चढ़ने से मांग 22,000 मेगावाट के करीब पहुंच गई लेकिन शाम को फिर इसमें कमी आ गई। नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों का कहना है कि करीब 2000 मेगावाट उपलब्धता बढ़ने के बाद गांवों को 18:19 घंटे, नगर पंचायतों को 22 घंटे, बुंदेलखंड को 21 घंटे तथा तहसील मुख्यालयों को 21:54 घंटे बिजली दी गई। दिन में मांग बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों में कटौती की गई।
अधिकारियों के मुताबिक हरदुआगंज की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई के चालू होने के बावजूद प्रदेश में बिजली की कुल उपलब्धता 19,500 मेगावाट के आसपास है। प्रदेश के ताप बिजलीघरों से करीब 5000 मेगावाट, निजी बिजलीघरों से 5400 मेगावाट, जल विद्युतगृहों से 400 मेगावाट, चीनी मिलों से 295 मेगावाट तथा केंद्र से करीब 8300 मेगावाट बिजली मिल रही है। बिजलीघरों को कोयले की आपूर्ति सामान्य न होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। अनपरा व हरदुआगंज में चार-चार दिन, ओबरा में पांच दिन तथा पारीछा में दो दिन का कोयला शेष बचा है।
ईद और अक्षय तृतीया के त्योहार के मद्देनजर पावर कार्पोरेशन केअध्यक्ष एम. देवराज ने सोमवार को वितरण, उत्पादन, ट्रांसमिशन तथा बिजली खरीद से जुड़े आला अधिकारियों के साथ बैठक की। देवराज ने बिजली की गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी उत्पादन गृहों में पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि कोशिश की जाए कि इकाइयां बंद न हों। इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से कोयले की अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था बनी है। इससे बिजलीघरों में कोयले की कमी नहीं होगी और उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। देवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों को देखते हुए सजग रहें। कर्मचारी पेट्रोलिंग करके आपूर्ति, व्यवधानों व दुर्घटनाओं पर नजर रखें। उपभोक्ताओं के फोन जरूर उठाए जाएं और उन्हें समुचित जानकारी दी जाए। गड़बड़ियों को कम से कम समय में ठीक कराने का प्रयास किया जाए।