मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि 2020 से हमारी सरकार ने मिशन शक्ति के अभियान को आगे बढ़ाया है। इसके अंतर्गत पिछले 7 वर्ष में लगभग डेढ़ लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है। 2017 के पहले तक कुल 10 हजार महिला कार्मिकों की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 से 2022-23 के बीच प्रदेश में 20 हजार से अधिक महिला पुलिस कांस्टेबल की भर्ती करने में सफलता प्राप्त हुई है। यानी आजादी के बाद 70 वर्षों में जितनी महिला पुलिस कार्मिकों की भर्तियां हुई थीं, उससे दोगुनी भर्ती महज 5 वर्षों में हमने की है। पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 20 प्रतिशत हॉरिजेंटल रिजर्वेशन की व्यवस्था प्राप्त हो सके, इसको अनिवार्य रूप से लागू किया गया।
लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में महिला पीएसी के गठन की कार्रवाई को आगे बढ़ाया। जो पुलिस कार्मिक महिलाएं भर्ती हुईं वो केवल ऑफिस या थाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ शासन की योजनाओं को उन तक पहुंचाने में भी सहयोगी बने, इसके लिए प्रदेश के अंदर 10 हजार से अधिक महिला बीट स्टेशन तैयार किए गए, महिला पिंक बूथ की स्थापना की गई। ये भी व्यवस्था की गई कि ये महिला बीट पुलिस अधिकारी मिशन शक्ति के अंतर्गत हर सप्ताह महिलाओं के पास जाएं और महिला संबंधी मुद्दों पर चर्चा करें। यही नहीं, मुद्दों के समाधान के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, उनके स्किल डेवलपमेंट, उनके स्वावलंबन से संबंधित योजनाओं से महिलाओं को अवगत कराएं।