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UP: राजधानी में पीजीआई गेट से महिला मरीज को उठा ले गए दलाल, परिजन बोले- मौत के बाद भी वेंटीलेटर पर रखा

Tue, 18 Aug 2026 06:42 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में पीजीआई गेट से एक गंभीर महिला मरीज को निजी अस्पताल के दलाल बेहतर और कम खर्च में इलाज का झांसा देकर ले गए। अस्पताल में भर्ती होने के कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
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प्रतीकात्मक फोटो (AI) - फोटो : Grok AI
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विस्तार
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असाध्य रोग से ग्रस्त महिला मरीज को निजी अस्पताल के दलाल पीजीआई गेट से उठा ले गए। परिजनों को कम खर्च में बेहतर इलाज का झांसा देकर नव बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। भर्ती होने के कुछ ही घंटों में मरीज की मौत हो गई। पति का आरोप है पीजीआई इमरजेंसी में मरीज को भर्ती नहीं लिया गया था। मरीज की हालत बिगड़ चुकी थी। निजी अस्पताल में मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। 

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बिहार मोतिहारी चंपारण निवासी मंगल राम की पत्नी रीता देवी 41 असाध्य रोग से ग्रस्त थी। दो साल से पीजीआई में इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत बिगड़ने पर परिजन पहले पीजीआई इमरजेंसी ले गए। वहां पर काफी देर इंतजार के बाद भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। मरीज की सांस उखड़ता देख परिजन लोहिया संस्थान ले जा रहे थे तभी पीजीआई गेट पर मिले दलालों ने बेहतर इलाज का झांसा देकर सोमवार शाम चार बजे बालाजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। 
 

सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की

वहां पहले 5 हजार रुपये जमा कराए। पति मंगल राम का आरोप है कि भर्ती के कुछ देर बाद हालत बिगड़ने पर अस्पताल ने 9 हजार रुपये के 3 इंजेक्शन लगाने की बात कही। मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर डाल दिया। देर रात 12:30 बजे रीता की मौत हो गई। पति का कहना है कि मौत के बाद भी अस्पताल वालों ने शव को वेंटिलेटर पर रखा। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।

 

मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति होगी

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि बिहार तक भिजवा देंगे शव पति का आरोप है कि अस्पताल वालों ने शव देने के बदले पुलिस केस न करने और बिहार पहुंचाने की बात कही। पति ने मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दी है। पुलिस के जरिये पत्र मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही के आरोप सही मिले तो मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति होगी।

 

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किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई थी

नव बालाजी हॉस्पिटल के मैनेजर शैलेंद्र ने बताया कि तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। परिजनों से पुलिस में शिकायत किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई थी।
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