एनआईए के भेजे फर्जी दस्तावेज
ठग ने बीच में उन्हें एनआईए के दस्तावेज भी व्हाट्सएप पर भेज दिए। अंत में ठग ने कॉल काट दी। आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब दस बजे उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। इस बार बात दूसरे ठग ने की, जिसने खुद को एटीएस पूणे का अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपका केस ट्रांसफर हो गया है। अब मामले की जांच सीबीआई ऑफिसर करेंगे और हाईकोर्ट के जज से तुमसे बात करेंगे।
मोबाइल पर जैमर लगाने की कही बात
ठग ने पीड़ित से कहा कि तुमसे फिर से पूछताछ की जाएगी, फिर तुम जमानत के लिए याचिका दायर करोगे। डरे सहमे दंपती बात पर राजी हो गए। जालसाजों ने कहा तुम्हारे मोबाइल पर जैमर लगा दिया गया है। तुम किसी से कोई बात नहीं कर सकोगे। कुछ देर बाद जालसाजों ने पूछताछ का जाल फेंका, जो दस अगस्त को खत्म हुआ। इस बीच आरोपियों ने जांच के बहाने उनसे कई बार में 42 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने दस अगस्त की रात करीब दस बजे कॉल काट दी।
एक पल में सब खो जाने के कारण अंसार और उनकी पत्नी सदमे में आ गई। उन्होंने किसी तरह से हिम्मत जुटाई और पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक रॉव ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। पीड़ित की रकम फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया जा रहा है।