विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने जा रहा है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके तीन विधायक अब औपचारिक तौर पर भाजपा का दामन थामेंगे। इनमें राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं। नवरात्रि में 14 अक्तूबर को अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में ये तीनो विधायक भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
भाजपा ने तीनों विधायकों की ज्वाइनिंग के लिए अमेठी को चुना है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, प्रदेश सरकार के मंत्री राजा मयंकेश्वर शरण सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, बुलंदशहर के सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भोला सिंह, पूजा पाल समेत एक राज्य और केंद्र सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्री, पार्टी के तमाम सांसद और विधायक, पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
बता दें कि 2022 में राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज (अमेठी ), विनोद चतुर्वेदी कालपी (जालौन ) और अभय सिंह गोसाईगंज (अयोध्या ) सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। बड़ी संख्या में केंद्र और प्रदेश के पार्टी नेताओं की मौजूदगी के बीच होने वाला यह कार्यक्रम सिर्फ सदस्यता ग्रहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा की ओर से राजनीतिक संदेश देने की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दरअसल, तीनों विधायकों ने 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के निर्देश के विपरीत भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद से ही इनके सपा से अलग होने और भाजपा में शामिल होने की अटकले लग रही थी।अब करीब ढाई साल बाद इनकी भाजपा में औपचारिक एंट्री होने जा रही है।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा में जाने का ऐलान करते हुए सपा की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिवारवाद और जातिवाद का आरोप लगाते हुए कहा है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली राजनीति के साथ वह आगे नहीं चल सकते।
तीनों विधायकों की एक साथ भाजपा में एंट्री को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक तीनों को आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतारने की तैयारी है। खास बात यह है कि तीनों अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। ऐसे में भाजपा की कोशिश इन नेताओं के जरिए संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में अपने संगठन और चुनावी समीकरण को मजबूत करने की होगी।
इससे पहले पांच अक्तूबर को तीनों विधायकों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद भाजपा में शामिल होने की चर्चा और तेज हो गई थी। अब 14 अक्तूबर को अमेठी में होने वाला कार्यक्रम इस राजनीतिक घटनाक्रम पर औपचारिक मुहर लगाएगा।