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यूपी: कहानी उन पांच लोगों की जो कार में जिंदा जल गए, जानिए पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर कैसे हुआ हादसा

Thu, 11 Dec 2025 06:52 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Accident in Barabanki: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डीह गांव के पास बुधवार दोपहर बाद तीन बजे हादसे का मंजर देखकर सर्विस रोड पर खड़े ग्रामीणों की सांसें थम गईं। इस हादसे में पांच की मौत हो गई। 
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डीह गांव के पास बुधवार दोपहर बाद तीन बजे हादसे का मंजर देखकर सर्विस रोड पर खड़े ग्रामीणों की सांसें थम गईं। एक्सप्रेसवे पर अचानक तेज धमाका हुआ...करीब आठ से 10 सेकंड तक चीखें सुनाई पड़ीं और फिर देखते ही देखते आपस में भिड़ीं दोनों कारें आग के गोले में तब्दील हाे गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ग्रामीण व दुकानदार चीखते हुए ऊपर की ओर भागे। 15 व 20 मीटर की दूरी पर एक महिला और बच्चे के शव पड़े थे। सन्नाटे के बीच धुएं और आग की लपटें नजर आ रही थीं।

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पुलिस के अनुसार मऊ के घोसी क्षेत्र के जिशान (30) अपनी बहन गुलिश्ता परवीन उर्फ चांदनी (49) और उनकी तीन बेटियों समरीन, इलमा, इस्मा और बेटे जियान के साथ लखनऊ जा रहे थे। लोगों ने बताया कि अचानक वैगन-आर कार रुकी। सभी लोग उतरे। सर्विस रोड पर पानी और नाश्ता लिया। अभी चार लोग कार में बैठ ही थे कि पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि आग धधक उठी।

कुड़वा के प्रधान अनिल सिंह, शैलेंद्र सिंह, द्वारिका प्रसाद, विजय कुमार, दीपक धमाके की आवाज सुनते ही वे कंटीले तार फांदकर ऊपर चढ़े। सामने का दृश्य देखकर सहम गए। पीछे की कार में दिल्ली के दक्षिणपुरी निवासी दीपांशु मिश्रा, दीप्ति, तृप्ति, प्रगति को ग्रामीणों ने किसी तरह कार से बाहर खींचकर निकाला।

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20 मिनट बाद यूपीडा तो 40 मिनट बाद पहुंची पुलिस

घटनास्थल तक यूपीडा की सुरक्षा टीम पहुंचने में पूरे 20 मिनट लग गए। पुलिस 40 मिनट बाद पहुंची, तब तक कार जल चुकी थी। डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए।
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एक-एक कर पहुंचीं एंबुलेंस, सीएचसी में कोहराम

बाराबंकी में हादसा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
साढ़े तीन बजे पहली एंबुलेंस पहुंची। एक घायल महिला को उतारा गया। दूसरी एंबुलेंस में दो छोटे बच्चों के शव आए। तब तक सीएचसी में चीख-पुकार मच गई। तीसरी, चौथी, पांचवीं एंबुलेंसें लगातार पहुंचती रहीं। पूरा अस्पताल दहशत में डूब गया। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा और सीओ समीर सिंह की मौजूदगी में डॉ. विश्वनाथ मधेशिया और डॉ. गौरव सिंह ने घायलों का उपचार किया।

और कार में बैठा कुत्ता सुरक्षित बच गया
हादसे के वक्त टक्कर मारने वाली कार में पीछे वाली कार पर बैठा कुत्ता मौजूद था। धुएं, आग और धमाके के बीच भी वह सुरक्षित बचा रहा। यह देख ग्रामीण हैरान रह गए। पुलिस ने उसे ग्रामीणों के सुपुर्द किया है।

 
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