घटनास्थल तक यूपीडा की सुरक्षा टीम पहुंचने में पूरे 20 मिनट लग गए। पुलिस 40 मिनट बाद पहुंची, तब तक कार जल चुकी थी। डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए।
साढ़े तीन बजे पहली एंबुलेंस पहुंची। एक घायल महिला को उतारा गया। दूसरी एंबुलेंस में दो छोटे बच्चों के शव आए। तब तक सीएचसी में चीख-पुकार मच गई। तीसरी, चौथी, पांचवीं एंबुलेंसें लगातार पहुंचती रहीं। पूरा अस्पताल दहशत में डूब गया। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा और सीओ समीर सिंह की मौजूदगी में डॉ. विश्वनाथ मधेशिया और डॉ. गौरव सिंह ने घायलों का उपचार किया।
और कार में बैठा कुत्ता सुरक्षित बच गया
हादसे के वक्त टक्कर मारने वाली कार में पीछे वाली कार पर बैठा कुत्ता मौजूद था। धुएं, आग और धमाके के बीच भी वह सुरक्षित बचा रहा। यह देख ग्रामीण हैरान रह गए। पुलिस ने उसे ग्रामीणों के सुपुर्द किया है।