अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि घटना के दूसरे दिन हरदी एसओ सुरेश कुमार वर्मा और महसी चौकी इंचार्ज शिव कुमार सरोज को निलंबित कर दिया गया था। तीन दिन बाद सीओ रुपेंद्र गौड़ पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई। मामले में विभागीय जांच अब अंतिम चरण में है। निष्क्रियता और लापरवाही के आरोप में सभी पर शीघ्र ही कार्रवाई हो सकती है।
बहराइच हिंसा में मारा गया रामगोपाल मिश्रा व उसकी पत्नी रोली।
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दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी वर्मा ने बताया कि अभियुक्तों पर सात धाराएं लगाई है। इसमें से दो धाराएं काफी गंभीर श्रेणी में आती है। धाराओं में 191(2) में दो वर्ष, 191(3) में पांच वर्ष, 190, 109(2) में मृत्युदंड व आजीवन कारावास, 249 में पांच वर्ष और 61(2) में मृत्युदंड, आजीवन कारावास व कठोर कारावास का प्रावधान है। वहीं धारा 30 आर्म्स एक्ट में छह माह की सजा का प्रावधान किया गया है।
इन अभियुक्तों के खिलाफ आज आएगा फैसला
रामगोपाल हत्याकांड में कोर्ट द्वारा दोषसिद्ध किए गए अभियुक्तों में अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज उर्फ रिंकू, मोहम्मद तालिब उर्फ सबलू, सैफ अली, जावेद खान, मोहम्मद जिशान उर्फ राजा उर्फ साहिर, शोएब खान, ननकऊ व मारूफ के खिलाफ 11 दिंसबर को सजा के बिंदु पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।