प्रदेश में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए नई रणनीति अपनाई गई है। प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में एक जनवरी तक 783 चिकित्सक मिल जाएंगे। इसमें 480 नए चिकित्सा विशेषज्ञ हैं तो 79 पूर्व में चयनित हो चुके हैं। इसी तरह 224 सेवानिवृत्त चिकित्सकों को दोबारा तैनाती दी जा रही है।
प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केद्रों को प्रथम रेफरल यूनिट के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में जिला चिकित्सालयों, संयुक्त चिकित्सालयों के साथ अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जा रहे हैं। इस वजह से यहां प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्तेचक, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन एवं जनरल फिजिशियन की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में विभाग की ओर से लगातार विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से एलोपैथिक विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी (ग्रेड2) के 387 चिकित्सा विशेषज्ञों का चयन नवंबर माह में किया गया। अब दिसंबर माह में 480 विशेषज्ञ चयनित किए गए हैँं। इसी तरह अलग- अलग समय में चयनित उन 79 विशेषज्ञों को दोबारा मौका दिया गया है, जिन्होंने चयनित होने के बाद भी काउंसलिंग नहीं कराई थी। इन सभी की काउंसलिंग 14 दिसंबर को की जाएगी। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलने वाली विभिन्न परियोजनाओं के लिए सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों को दोबारा तैनात किया जा रहा है। इनकी तैनाती एक वर्ष अथवा अधिकतम 65 साल की सेवा के तहत किया जा रहा है। इसमें 19 एमबीबीएस डिग्री धारी की नई तैनाती, 16 को सेवा विस्तार, 94 चिकित्सा विशेषज्ञों की नई तैनाती और 95 को सेवा विस्तार दिया गया है। इस तरह कुल 224 ऐेसे चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
नए चिकित्सा विशेषज्ञों का विवरण
आयोग की ओर से चयनित होने वाले नए विशेषज्ञों में सर्जरी के 81, बाल रोग विशेषज्ञों के 59, ईएनटी के 19, हड्डी रोग 50, फारेंसिक मेडिसिन पांच, चर्म रोग के 15, पब्लिक हेल्थ 22, स्त्री रोग विशेषज्ञ 62, मनोरोग 26, माइक्रोबायोलॉजिस्ट 12, नेत्र रोग 32, पैथोलॉजिस्ट 27, रेडियोलॉजिस्ट तीन, फिजिशियन 25 और एनेस्थेटिस्ट 42 हैं।
किन सेंटरों पर होगी तैनाती
नए चयनित होने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किया जाएगा। कुछ को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी तैनाती मिलेगी। पहले उन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का विकल्प दिया जाएगा, जहांप्रसूति रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। इसी तरह फिजिशियन को उन सीएचसी पर तैनात किया जाएगा, जहां प्रसूति रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक तो उपलब्ध हैं, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्रदेश पीएचसी, सीएचसी एवं जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर हो रही है। जल्द ही आयोग से करीब 200 से अधिक और चिकित्सक आने वाले हैं। नए चयनति होने वाले चिकित्सा विशेषज्ञों को एक जनवरी से तैनात कर दिया जाएगा। सेवानिवृत्त होने वालों को विभिन्न परियोजनाओं से जोड़ा गया है। ऐसे में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी नहीं रहेगी।
- डा. वेदब्रत सिंह महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा