पौराणिक कथाओं के अनुसार, छठ मैया सूर्यदेव की बहन हैं। उन्हें प्रकृति की देवी कहा जाता है। मान्यता है कि रामायण काल में रावण का वध करके जब भगवान राम, लक्ष्मण व सीता के साथ अयोध्या लौटे थे तो माता सीता ने कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर व्रत रखकर कुल की सुख-शांति और मर्यादा के लिए व्रत रखकर छठ मैया और सूर्यदेव का पूजन किया था। महाभारत काल में द्रौपदी ने भी छठ मैया की पूजा कर व्रत रखा था। तभी से इस व्रत की परंपरा है।
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से लक्ष्मण मेला घाट पर छठ पूजा के कार्यक्रम में सोमवार शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे। शनिवार शाम यहां आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि मुख्यमंत्री ही कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस बार मुख्यमंत्री के लिए स्टेज तक अलग से मार्ग तैयार किया गया है जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही व अन्य मंत्री-विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को भोजपुरी गौरव सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। 27 अक्तूबर को दोपहर तीन बजे से सांस्कृतिक आयोजन शुरू हो जाएंगे। 18 घंटे तक लगातार कल्पना पटवारी, गोपाल राय, सुरेश शुक्ला, संतोष बनारसी, सुरेश कुशवाहा, एसपी चौहान, उमेश कनौजिया समेत करीब 200 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।