प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 10 हजार से अधिक संविदा कर्मियों को राहत मिली है। वहीं ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा में 1,278 नए संविदा कर्मियों की भर्ती जैम पोर्टल से करने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा में बीते 12-13 साल से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को अब सेवा प्रदाता कंपनी के हवाले नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 10 हजार से अधिक संविदा कर्मियों को राहत मिली है। वहीं ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा में 1,278 नए संविदा कर्मियों की भर्ती जैम पोर्टल से करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में विभाग ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर दिए हैं।
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ग्राम्य विकास विभाग ने बीते मार्च में मनरेगा में संविदा पर कर्मचारियों की नियुक्ति जैम पोर्टल के जरिये सेवा प्रदाता कंपनी से करने का निर्णय लिया था। साथ ही मनरेगा में पहले से संविदा पर कार्यरत सहायक कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और सहायक लेखाकार को भी कंपनी के हवाले करने करने की बात कही गई थी।
अमर उजाला ने 26 मार्च के अंक में ‘मनरेगा के संविदा कर्मियों की नियुक्त सेवा प्रदाता कंपनी से करने की तैयारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मनरेगा संविदा कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन भी किया। संविदा कर्मियों के विरोध के चलते विभाग ने अब अपना निर्णय बदल लिया है। विभाग के अपर आयुक्त योगेश कुमार ने बताया कि पहले से कार्यरत संविदा कर्मियों को सेवा प्रदाता कंपनी के हवाले नहीं किया जाएगा। लेकिन नए संविदा कर्मियों की भर्ती जैम पोर्टल से की जाएगी।
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इन पदों पर होगी भर्ती
अपर आयुक्त ने बताया कि सहायक कार्यक्रम अधिकारी के 191, सहायक लेखाकार के 197, कंप्यूटर ऑपरेटर के 116 और तकनीकी सहायक के 774 पदों पर भर्ती की जाएगी।