आम जनता का भला करने का दावा करने वाले समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायतों व समस्याएं सुनने के लिए दिए गए नंबर और ई-मेल आईडी ही फर्जी हैं। इस कारण करीब छह माह से विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए वेबसाइट की मदद लेने वाले छात्रों व अन्य लोगों को निराशा ही हाथ लग रही है।
समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समेत विभिन्न योजनाओं से समाज के विभिन्न तबकों को राहत पहुंचाता है। हालांकि, कोरोना काल में जब इनका लाभ लेने के लिए पात्रों ने विभाग की आधिकारिक वेबसाइट समाजकल्याण डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर हेल्पलाइन नंबर खोजे तो निराशा ही हाथ लगी।
होम पेज पर फोन नंबर के स्थान पर अंकित 0123456789, फैक्स नंबर- 0522-123456789 और ईमेल आईडी test@gmail.com गलत है। सूत्रों की मानें तो इस लापरवाही के चलते करीब छह माह से विभिन्न योजनाओं के पात्र परेशान हैं। यह हाल तब है जब शासन की स्पष्ट गाइडलाइन है कि विभागीय योजनाओं के नोडल अफसर अपना नंबर सार्वजनिक करें। बावजूद इसके वेबसाइट पर फर्जी जानकारी अंकित है। ऐसे में किसी को मदद तो नहीं मिलती, बल्कि परेशानी और बढ़ जाती है।
दूसरे के खाते में भेज दी छात्रवृत्ति
एमएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के बीएससी नर्सिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र प्रवीण सिंह ने बताया कि वह यूपी पोस्ट मैट्रिक अदर दैन इंटर छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं। लिपिकीय त्रुटि के चलते उनकी छात्रवृत्ति आशीष शर्मा नामक शख्स के बैंक खाते में ट्रांसफर हो गई। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने वेबसाइट से हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो नंबर फर्जी और मेल आईडी गलत निकली। ऐसे में जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, अभी तक उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरनाथ यति ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए वेबसाइट का मेंटेनेंस करने वाली एजेंसी जिम्मेदार है। मैं अपने स्तर से समस्या लेकर आए हर शिकायतकर्ता की समस्या का निस्तारण करता हूं।