एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, इस गिरोह में सचिवालय में तैनात एक संविदाकर्मी भी शामिल है। इसकी पुष्टि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में हुई। इसके बाद गोमतीनगर विस्तार इलाके के खरगापुर में रहने वाले इस कर्मचारी की तलाश में टीम ने दबिश दी लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इस कर्मचारी के परिचितों व रिश्तेदारों सहित कई अन्य संभावित ठिकानों पर एसटीएफ की नजर है। टीमें इन ठिकानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। इस संविदाकर्मी के जरिए कई अन्य राज सामने आ सकेंगे। एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक इस कर्मचारी के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया है। वहीं उसके कुछ करीबियों से भी पूछताछ की जाएगी। एसटीएफ इस कर्मचारी के तैनाती से लेकर अब तक पूरे कार्यकाल की कुंडली तैयार कर रही है।
एसटीएफ के अधिकारी के मुुताबिक, टीईटी पेपर लीक करने में सबसे अहम भूमिका झांसी के रहने वाले ऋषि शर्मा ने निभाई। उसी ने सबसे पहले पेपर को लीक किया है। एसटीएफ ने उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी है लेकिन हाथ नहीं लगा। इसके बाद पूरी जानकारी जुटाने के बाद उसे वांक्षित किया गया है। उसकी तलाश में एटीएफ के अलावा स्थानीय पुलिस की टीमें भी दबिश दे रही हैं। एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक ऋषि शर्मा के हाथ लगने के बाद कई जरूरी जानकारी मिलेगी। इस परीक्षा से जुड़े कई राज ऋषि के पास है। उससे यह पता चलेगा कि गिरोह का नेटवर्क कहां तक है। कितने रसूखदारों के इशारे पर यह गिरोह काम करता है। इसके अलावा हरदोई का एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में कौशलेंद्र राय काफी शातिर है। उसने सचिवालय के नाम पर कई फर्जीवाड़े किए हैं। उसके पास से सचिवालय से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। उसने सचिवालय के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जिसे दिखाकर फर्जीवाड़ा करता रहा है। इस ग्रुप में कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी के नाम व नंबर जुड़े हैं। एसटीएफ के अधिकारी कौशलेंद्र के मोबाइल से मिले नंबरों की पड़ताल कर रहे हैं कि कितने सचिवालय से जुड़े हैं। जिनके नंबर है वह किस पद पर तैनात हैं। इस व्हाट्सएप ग्रुप में कौशलेंद्र ने खुद का नंबर सहायक अधिकारी के नाम से सेव कर रखा है।