राजधानी में बदले मौसम के बीच रविवार देर रात और सोमवार सुबह फुहारें पड़ीं। पछुआ संग हुई बूंदाबांदी से पारे में गिरावट आने से मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश और बादलों की मौजूदगी से दो दिन तक पारे में हल्की गिरावट के आसार हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि 17 से 20 मार्च तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। इसके बाद बंगाल की खाड़ी से चली पूर्वा हवा मौसम में बदलाव लाएगी। सोमवार को दिन का तापमान 3.5 डिग्री की गिरावट के साथ 33.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 19 डिग्री रहा।
प्रदेश में रविवार और सोमवार को हुई बारिश में फसलों के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, एक मार्च को हुई बारिश से मथुरा और सहारनपुर के 4377 किसानों की फसलों को नुकसान हुआ। राहत विभाग के अनुसार, एक मार्च को हुई बारिश में मानक के अनुसार सिर्फ दो जिलों मथुरा और सहारनपुर में फसलों का नुकसान हुआ। मथुरा में 4367 किसानों की 1241 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। इसका मुआवजा 2 करोड़ 10 लाख 97 हजार बना। वहीं, सहारनपुर में 10 किसानों की 2.943 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। इसका मुआवजा 51776 रुपये तय किया गया है।
यहां बता दें कि फसलों का नुकसान 33 प्रतिशत या उससे अधिक होने पर सरकार किसानों को राहत विभाग के जरिये मुआवजा देती है। मुआवजे की दर सिंचिंत क्षेत्रों में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और वर्षा सिंचित क्षेत्रों में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई हैं। राहत विभाग के अनुसार, 16 मार्च की रात व 17 मार्च की सुबह हुई बारिश से हुए नुकसान का आकलन सप्ताह भर के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।