जब लखनऊ व अमेठी में आर्मी की भर्ती होती है तो मेडिकल में टेम्परेरी अनफिट अभ्यर्थियों का रिमेडिकल बेस कमांड हॉस्पिटल, लखनऊ में होता है। जो अभ्यर्थी मेडिकल के लिए आते हैं, उनसे बात करके पास कराने का वादा करते हैं।
उनमें से जो अभ्यर्थी अपने आप मेडिकल में पास हो जाते हैं, उन्हें मेरिट में लाने का झांसा देकर मूल दस्तावेज ले लेते हैं। उनमें से जब कुछ का नाम मेरिट में भी आ जाता है, तो उनसे पैसे लेकर उनका मूल दस्तावेज वापस कर देते हैं। जिन अभ्यर्थियों का नाम मेरिट में नहीं आता उन्हें अगली भर्ती में एडजस्ट कराने का वादा कर और पैसे लेकर मूल दस्तावेज लौटा देते थे।
एसटीएफ ने दोनों जवानों को कैंट थाने में बंद करा दिया है। इनके पास से बिना नंबर की सफारी गाड़ी, एक मोटर साइकिल, चार मोबाइल, एक एटीएम, आधार कार्ड, पैनकार्ड, डीएल, आर्मी भर्ती के दो प्रवेश पत्र, तीन अभ्यर्थियों की मार्कशीट बरामद हुई है।
राजधानी में आर्मी और आर्डिनेंस फैक्ट्रियों में भर्ती के नाम पर 27 जनवरी 2015 को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। आलमबाग थाना में असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स एपी मिश्रा ने अकाउंट अफसर जेएस दुबे और क्लर्क मनीष कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद मामले की छानबीन में पता चला था कि अकाउंट अफसर और क्लर्क ने बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रुपया ऐंठा था। ऐसे 17 पीड़ित सामने आए थे जिनसे प्रति व्यक्ति तीन-तीन लाख रुपये लिए गए थे।