कतर से लौटकर एक युवक डीपफेक का इस्तेमाल कर लड़कियों की अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर उनको ब्लैकमेल कर रहा था। यूपी एसटीएफ ने आरोपी को चिनहट इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से दो फर्जी आधार कार्ड और कई लड़कियों की अश्लील तस्वीरें व वीडियो मिले हैं। आरोपी खुद को रेडियो जॉकी बताता था।
एसटीएफ के अनुसार, गाजीपुर थाने में कुछ दिन पहले एक महिला ने केस दर्ज कराया था। उनकी 15 साल की बेटी के नाम से पांच फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई थीं। फिर डीपफेक का इस्तेमाल कर अश्लील फोटो बनाकर वायरल किया गया था। चैटिंग के दौरान आरोपी ने किशोरी पर होटल में मिलने और रुपये की मांग पूरी करने की डिमांड की थी। ऐसा न करने पर उसका वीडियो अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी दी थी।
इस मामले में मंगलवार को यूपी एसटीएफ ने चिनहट के मटियारी इलाके से आरोपी बाराबंकी दक्षिणी टोला निवासी रब्बानी को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो फर्जी आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक डीएल, अलग-अलग लड़कियों से की गई 36 पेज की चैटिंग का स्क्रीनशॉट और कई लड़कियों की आपत्तिजनक फोटो बरामद की।
कतर में रहकर किया था एडिटिंग का काम
रब्बानी ने पूछताछ में बताया कि वह जनवरी 2023 में कतर गया था। वहां पर छह महीने कंप्यूटर पर एडिटिंग का काम किया और लौट आया था। बीते जनवरी माह में टेलीग्राम के माध्यम से Deepfake व Bot NubeeAl ग्रुप से जुड़ा, वहां पर वेबसाइट/एप के माध्यम से न्यूड फोटो बनाने के लिए जानकारी हासिल की। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम से लड़कियों की फोटो/वीडियो चोरी की। आरोपी ने सोमवार को विकासनगर की रहने वाली एक लड़की को ब्लैकमेल करते हुए होटल में मिलने व रुपये की मांग की थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फेक आधार कार्ड मेकर एप के माध्यम से अपनी फोटो लगाकर राज सिंह नाम से आधार कार्ड बनाया था।
जानिए क्या है डीपफेक
रियल वीडियो में दूसरे के चेहरे को फिट कर देने को डीपफेक कहा जाता है। इसमें वीडियो और ऑडियो को टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर की मदद से बनाया जाता है। इन दिनों डीपफेक बनाने से जुड़े ऐप मार्केट में मौजूद हैं, जिनकी मदद से आसानी से डीपफेक वीडियो व फोटो को बनाया जा सकता है। फोटो और वीडियो के आईब्रो, लिप्स को देखकर और उसके मूवमेंट से भी पहचान की जा सकती है।