विश्व जनसंख्या दिवस पर 'क्लीन यूपी-ग्रीन यूपी' अभियान के तहत सोमवार को उत्तर प्रदेश में एक दिन में पांच करोड़ एक लाख से अधिक पौधे रोपकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्नी व सांसद डिंपल यादव के साथ सुबह सुबह 10 बजे अपने आवास पर 'वरना' के दो पौधे रोपकर इस अभियान की शुरुआत की।
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उसके बाद पूरे सूबे में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, छात्रों, शिक्षकों और आम लोगों ने पूरे उत्साह के साथ जगह-जगह पौधे रोपे। इस दौरान जानी-मानी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं 'द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी)' और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने भी पूरे अभियान पर निगाह रखी।
अभियान के तहत सीएम ने रसूलाबाद (कानपुर देहात) के बहादुरपुर वन ब्लॉक में भी पौधरोपण किया, वहीं सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने राजधानी में कुकरैल के सूगामऊ-जरहरा वन खंड में पौधे रोपे।
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अभियान में सैन्य बल और अर्द्ध सैन्य बलों के जवानों, 35 महानगर पीएसी बटालियन, पर्वतीय महापरिषद, एनसीसी कैडटों, एनएसएस स्वयंसेवकों और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
हर जगह मौजूद रही 'टेरी' व 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' की टीम
लखनऊ में वन मुख्यालय स्थित कमांड सेंटर पर अधिकारी पौधरोपण के बाबत पल-पल की खबर लेते रहे। रात 9.30 बजे तक की सूचना के मुताबिक, पांच करोड़ एक लाख पौधे रोपे जा चुके थे।
हर रोपण स्थल पर निगरानी के लिए टेरी की टीम मौजूद रही, जबकि ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने भी अपने 50 लोग जगह-जगह लगाए थे। हालांकि, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इन स्थानों का खुलासा नहीं किया। रोपे गए पौधों की कार्बन अवशोषित करने की क्षमता का आकलन भी टेरी के माध्यम से कराया जा रहा है।
पिछले चार साल में 261 वर्ग किमी बढ़ी हरियाली
फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में किए गए पौधरोपण से राज्य के हरित आवरण में कुल 261 वर्ग किमी क्षेत्रफल में वृद्घि हुई है। पिछले साल 7 नवंबर को 10 चिन्हित स्थानों पर आठ घंटे में 10 लाख 53 हजार 108 पौधे रोपे गए, जिसके चलते यूपी का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ।
कमांड सेंटर पहुंचकर सीएम ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शाम पांच बजे वन मुख्यालय स्थित कमांड सेंटर पहुंचकर पौधरोपण अभियान का जायजा लिया। मिशन डायरेक्टर प्रशांत वर्मा और प्रमुख वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष उमेंद्र शर्मा ने उन्हें समय तक की प्रगति रिपोर्ट उन्हें दी।
पौधरोपण के पहले की गई तैयारी
- फोटो : amar ujala
- प्रदेश की 992 नर्सरियों में 9.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए थे।
- 3 फरवरी से गड्ढे खोदने का काम शुरू हुआ।
- मई अंत तक पांच करोड़ गड्ढे खोद लिए गए।
- 9 जुलाई की शाम तक सभी रोपण स्थलों तक पौधे पहुंचा दिए गए।
- एक सप्ताह पहले ही प्रदेश में पौधरोपण के लिए कुल 6 लाख श्रमिकों की व्यवस्था कर ली गई। प्रत्येक श्रमिक को हाथोहाथ 173 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी के भुगतान के लिए धन की व्यवस्था।
सोमवार को हुआ पौधरोपण : एक नजर में
- फोटो : अमर उजाला
- प्रदेश में 6166 स्थानों पर रोपे गए पौधे।
- उन्नाव वन प्रभाग में सबसे ज्यादा 22,42,125 पौधे लगाए गए।
- बलिया वन प्रभाग में सबसे ज्यादा 175 स्थानों पर हुआ रोपण।
- सहारनपुर वन प्रभाग में सबसे कम 30000 पौधे रोपे गए।
-सहारनपुर वन प्रभाग में ही सबसे कम 10 स्थानों पर रोपण।
- प्रदेश में सोमवार को 6 लाख श्रमिकों ने इस महाअभियान को अंजाम दिया।
- पौधरोपण के लिए लखनऊ मंडल में सबसे ज्यादा 73300 श्रमिक लगे।
- मेरठ मंडल में पौधरोपण के लिए सबसे कम 10700 श्रमिक लगे।
- अवध वन प्रभाग में कुकरैल समेत 130 स्थानों पर रोपे गए पौधे।
- शीशम, कंजी, पाकड़, नीम, जामुन, अर्जुन, आंवला, चिलबिल, इमली, बरगद और पीपल समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए।