सोशल मीडिया के तैयार कर रहा था नेटवर्क
एटीएस के मुताबिक़ आरोपी सोशल मीडिया समूहों के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ रहा था। इन समूहों के माध्यम से देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को “मुजाहिद” बनाने की साजिश में जुटा था।
विदेशी मोबाइल नम्बर मिले
जांच एजेंसी के मुताबिक इस नेटवर्क पर अनवर उल अवलाकी की विचारधारा का प्रभाव है। ऑनलाइन समूहों में अलग-अलग राज्यों के लोग जुड़े थे। कुछ विदेशी मोबाइल नंबरों के जुड़े होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। एजेंसी उसकी छानबीन कर रही है।
हैकिंग की साजिश
एटीएस के मुताबिक नबील से पूछताछ में मकसूद अली का नाम सामने आया। इसके बाद तमिलनाडु एटीएस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। मकसूद पाकिस्तानी हैकरों के संपर्क में था। हैकिंग की भी साजिश रच रहे थे।
इंटरनेट से सीखी कोडिंग और हैकिंग
एटीएस के अनुसार मकसूद ने इंटरनेट से पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी हासिल की थी। वह इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और वाट्सऐप के जरिए तकनीकी जानकारी जुटाता और लोगों से संपर्क करता था।
‘CAPTAIN M NETWORK’ ऐप बनाने का दावा
एटीएस ने दावा किया है कि मकसूद ने ‘CAPTAIN M NETWORK’ नाम से एक सुरक्षित ऐप बनाया था। एजेंसी ऐप के इस्तेमाल और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। उनके सोशल मीडिया खातों, ऑनलाइन बातचीत और संपर्कों की भी पड़ताल हो रही है।