कार्यालय के बाहर हंगामा।
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100 परिवारों का 20 घंटे बिजली-पानी गुल, हंगामा
अंबेडकर उपकेंद्र के तहत इलाकों में 100 परिवारों का 20 घंटे तक बिजली और पानी गुल रहा। इससे लोगों ने त्राहि-त्राहि मच गई। लोगों को 100-100 दूर से पानी लाकर काम चलाना पड़ा। इसके विरोध में उपभोक्ताओं ने ट्रांसफार्मर स्थल पर खूब हंगामा किया। यहां के लोग पिछले हफ्ते भर से बिजली संकट झेल रहे हैं। हालांकि, बिजली संकट का दूर करने के लिए सोमवार को ट्रांसफार्मर की क्षमता 100 से बढ़ाकर 250 केवीए की जा रही है।
पंचमखेड़ा, चरण भट्ठा रोड, रॉयल सिटी सहित आसपास के उपभोक्ताओं ने बताया कि बीते रविवार रात 11 बजे अचानक 100 केवीए के ट्रांसफार्मर से एक फेज की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र पर शिकयत दर्ज कराई, मगर रात को समस्या का समाधान नहीं किया। पीड़ित लोग पूरी रात बिना बिजली के रहे। सुबह 11 बजे के बाद 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो सोमवार रात 8 बजे के बाद पूरी हो सकी।
रविवार रात से सोमवार रात तक करीब 20 घंटे 100 परिवार के लोग बिन बिजली छटपटाते रहे, और जिम्मेदार अपनी ही रफ्तार से काम करते रहे। 40 डिग्री की गर्मी में परिवार के लोगों को बिजली नहीं मिली, उल्टे दूर से पानी को ढोना पड़ा। एसडीओ महेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से अब लोगों को राहत मिलेगी।
पोस्टर लेकर पहुंचीं महिलाएं।
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50 हजार की आबादी बिजली को तरसी
काकोरी। एफसीआई उपकेंद्र के बुद्धेश्वर, नरौना, वादर खेड़ा, सलेमपुर पतौरा और शांति नगर कॉलोनी आदि की 50 हजार की आबादी सोमवार को सुबह से तीन राउंड बिजली को तरस गई।
एसडीओ संदीप वर्मा ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे तो पहले 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया, जिससे सभी 21 हजार उपभोक्ताओं की बत्ती गुल हो गई। इसके बाद लाइन व पॉवर ट्रांसफार्मर के ओवर लोड होने के कारण सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली बंद रही। इसके बाद नई लाइन को उपकेंद्र से जोड़ने के लिए शाम को भी बिजली आपूर्ति को बंद किया गया था। नई लाइन के चालू होने से ओवर लोडिंग की समस्या हल होगी जिससे संकट दूर होगा।
महिलाओं का जमकर हंगामा।
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मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार
प्रचंड गर्मी के चलते बिजली की मांग का आंकड़ा सोमवार को 1700 मेगावाट को पार कर गया। 10 दिन के भीतर बिजली मांग करीब 500 मेगावाट बढ़ चुकी है। बिजली की यह मांग एसी, कूलर आदि के इस्तेमाल बढ़ने से हुई है।