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गूगल मैप पर दिखेगी यूपी की सड़कें व चौराहे

Wed, 17 Jun 2015 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे के हर छोटे-बड़े शहर की सड़कें और चौराहे अब गूगल मैप दिखेंगे। इसके लिए मैपिंग का काम शुरू हो गया है। यह जानकारी एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने दी। वे मंगलवार को महानगर स्थित रेडियो मुख्यालय में आयोजित ‘यातायात प्रबंधन में सोशल मीडिया का उपयोग’ विषयक वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे।
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एडीजी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस को फेसबुक और ट्विटर से जोड़ने के लिए ‘जियोग्राफिकल ट्रैफिक इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम’ सॉफ्टवेयर बनाया गया है। गूगल मैप की कॉपी में सड़कों व चौराहों को चिह्नित करने के बाद सारी जानकारियां इस सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी।

इसके बाद हर जिले की ट्रैफिक पुलिस सोशल मीडिया पर अपने क्षेत्र की जानकारी अपडेट्स कर सकेगी। एडीजी ने बताया कि सॉफ्टवेयर गोमतीनगर की एक निजी कंपनी ने बनाया है। वर्कशॉप में 75 जिलों से आए एएसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक, ट्रैफिक इंस्पेक्टर व ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर को मैपिंग के बारे में बताया गया।
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गूगल मैप में सभी जिलों के वन-वे, नो व्हीकल जोन, डायवर्जन, प्रतिबंधित मार्ग सहित यातायात से जुड़ी सभी जानकारियां होंगी। अलग-अलग जिलों का यह मैप संबंधित जिलों के फेसबुक पेज से जोड़ा जाएगा।

फेसबुक पेज लाइक करने वाला कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक व्यवस्थाओं के बारे में पूरी जानकारी ले सकता है और कहीं गड़बड़ी या कमी होने पर शिकायत भी कर सकता है। उन्होंने बताया कि हर जिले में फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप का एक नोडल अफसर होगा जो इस सिस्टम का संचालन व निगरानी करेगा।

मॉर्डन कंट्रोलरूम की सूचनाओं से मिलेंगे अपडेट्स

एडीजी ने बताया कि मॉर्डन कंट्रोलरूम से मिलने वाली सूचनाओं को फेसबुक पेज या ट्विटर पर शेयर किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस का फेसबुक पेज लाइक करने वाले या ट्विटर अकाउंट के फालोअर्स को शेयर की जाने वाली हर जानकारी मिल जाएगी।

इसमें ट्रैफिक के नियमों की जानकारी के साथ ही एडवायजरी और अलर्ट्स भी होंगे। ट्विटर पर एक्सीडेंट या वारदातों के चलते ट्रैफिक डायवर्जन जैसी सूचनाएं लोगों को रियल टाइम में मिलेंगी जिससे वे असुविधा से बच सकें।

शमन वसूली में लखनऊ अव्वल
वर्कशॉप के दौरान सूबे के सभी जिलों में शमन वसूली की समीक्षा की गई जिसमें लखनऊ अव्वल रहा। एडीजी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में लखनऊ में दो करोड़ 20 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया।

दूसरे स्थान पर रहे गाजियाबाद में एक करोड़ 89 लाख व तीसरे स्थान पर नोएडा में एक करोड़ 70 लाख रुपये शमन शुल्क की वसूली हुई।
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वाराणसी ने तैयार किया अपना फेसबुक पेज

वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले अपना फेसबुक पेज तैयार कर लिया है। एडीजी ने बताया कि वर्कशॉप के पहले दिन दी गई जानकारियों के आधार पर कई जिलों के एएसपी ट्रैफिक ने इस पर काम शुरू कर दिया था। मंगलवार को वाराणसी ने अपना फेसबुक पेज तैयार होने की जानकारी दी। अन्य जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है।

व्हाट्एसप पर आई 350 शिकायतें-सूचनाएं
लखनऊ की ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 9454405155 पर मंगलवार को पहले दिन 350 शिकायतें, सूचनाएं व सुझाव आए। व्हाट्सएप के ग्रुप एडमिन व सीओ ट्रांस गोमती रणविजय सिंह ने बताया कि अधिकांश पोस्ट जानकारी से संबंधित हैं। पॉलीटेक्निक चौराहा पर डग्गामार बसों का संचालन, मटियारी से कमता रोड पर जाम और रात नौ बजे के बाद चौक में जाम लगने की शिकायतें लोगों ने की है। इस पर कार्रवाई के लिए संबंधित ट्रैफिक इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं।

‘इंटरनेट-टेक्नोलॉजी अपनी जगह पर सड़क जाम न होने पाए’
सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही सड़क जाम की समस्या को इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का उपयोग भी कम नहीं कर सकता। एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने वर्कशॉप में आए ट्रैफिक अफसरों व कर्मचारियों से इसका जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी जगह है लेकिन ट्रैफिक पुलिस को इस बात का ध्यान रखना होगा कि सड़क पर जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि जाम से बचने के लिए सड़क पर सक्रियता और सतर्कता जरूरी है। ट्रैफिक पुलिस के अफसर-कर्मचारी इसका ध्यान रखें।
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