पटवाखेड़ा के धर्मपाल को सरकारी पट्टे में जमीन मिली थी, लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने उसपर कब्जाकर निर्माण शुरू कर दिया। किसान ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की। लेखपाल ने गांव जाकर पीड़ित से मिलने की जगह घर बैठे शिकायत का निस्तारण कर दिया। उधर, कार्रवाई न होने से अवैध कब्जा करने वाले लोगों ने छत भी डाल दी। किसान ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने लेखपाल आलोक गुप्ता से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नाराज डीएम ने लेखपाल को मुख्यालय से संबद्ध करते हुए एसडीएम से आरोप पत्र देने के निर्देश दिए। डीएम ने तहसीलदार को गांव जाकर जांच करने के लिए कहा। उधर, गौरा के पवन के पिता व दादा की मौत होने के बावजूद तीन साल बाद भी वसीयत दर्ज न होने पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक को फटकार लगाते हुए एसडीएम से रिपोर्ट मांगी। उधर, मलिहाबाद के ग्राम कैथुलिया निवासी रेखा ने एक नर्सरी मालिक पर मजदूरी नहीं देने की शिकायत की। वहीं, सरोजनी नगर तहसील में समदा गांव के राजेश कुमार और मुन्नीलाल ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। इसपर एसडीएम अंकित शुक्ला ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
तहसील समाधान दिवस में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सदर तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी और उसके निस्तारण के निर्देश दिए। इस बीच चिनहट से आईं शांति देवी और गोपरामऊ से आईं शांति कमिश्नर के सामने फरियाद लेकर रोने लगीं। गापरामऊ की शांति ने पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया। वहीं, चिनहट की शोति देवी ने जमीन की नाप कराने के लिए बार-बार दौड़ाने का आरोप लगाया। कमिश्नर ने दोनों ही मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।