यूपी रेरा ने रियल एस्टेट उपभोक्ताओं के हित संरक्षण और प्रमोटरों की जिम्मेदारी तय करने के लिए भू संपदा परियोजनाओं के बैंक खातों से धन निकासी से जुड़े नियम सख्त कर दिए हैं। बैंक खातों के संचालन के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि प्रोमोटर को परियोजना के बैंक खातों का वार्षिक ऑडिट कराने और वित्तीय वर्ष बीतने के छह महीने में रेरा की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। बैंक खाते में गंभीर अनियमितता मिलने पर या शिकायत आने पर रेरा किसी प्रतिष्ठित फर्म से परियोजना के खातों का फोरेंसिक ऑडिट करा सकेगी। इसका खर्च प्रोमोटर वहन करेगा।
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उन्होंने बताया कि प्रोमोटर की ओर से बैंक खाते में संशोधन के लिए ऑनलाइन आवदेन किया जा सकेगा। रेरा प्रमोटर की ओर से बैंक खाते में संशोधन के लिए बताए गए कारणों से संतुष्ट होने पर बैंक खाते में परिवर्तन की अनुमति देगा। इसी तरह प्रोमोटर को परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद परियोजना के खाते को बंद करने की अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उसमें उन्हें सक्षम प्राधिकरण, आर्किटेक्ट, सीए सहित अन्य के प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे।
भूसरेड्डी ने बताया कि रेरा की ओर से प्रोमोटर के आवेदन का परीक्षण किया जाएगा। आवेदन से संतुष्ट होने पर प्रोमोटर को परियोजना का बैंक खाता बंद करने और खाते में जमा अवशेष राशि निकालने की अनुमति दी जाएगी। अगर प्रोमोटर ने सभी देनदारियों के संबंध में गलत बयानी की तो खाता बंद करने की अनुमति के बाद भी प्रोमोटर अपनी जिम्मदारियों से मुक्त नहीं होगा। रेरा ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई करेगी।