पोस्टर लेकर पहुंची बुजुर्ग महिला।
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अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को गौरीगंज के बरनाटीकर वार्ड निवासी रामलली सिंह हाथ में पोस्टर लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचीं। पोस्टर पर लिखा था “साहब हम जिंदा हैं।” रामलली का आरोप है कि न्यायालयी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाकर उनकी पैतृक भूमि हड़पने की साजिश रची गई है।
रामलली सिंह ने बताया कि उनका मायका अमेठी तहसील के घोरहा गांव में है। घोरहा स्थित बाग की भूमि में उनका वैधानिक हिस्सा है। उसी भूमि में गांव के एक अन्य व्यक्ति का भी हिस्सा बताया गया है। आरोप है कि उस हिस्सेदार ने एसडीएम न्यायिक न्यायालय में बंटवारे का वाद दाखिल किया जिसमें रामलली को मृत दर्शा दिया गया, जबकि वह जीवित हैं।
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पीड़िता का कहना है कि उनके पुत्र अरविंद सिंह और धर्मेंद्र सिंह के नाम जानबूझकर अभिलेखों से हटा दिए गए। इसके स्थान पर एक व्यक्ति को फर्जी तरीके से वारिस दिखाते हुए शपथपत्र प्रस्तुत किया गया। आरोप यह भी है कि उनकी मृत बहन पार्वती, जिनकी कोई संतान नहीं थी, उनके भी काल्पनिक वारिस दर्शा दिए गए।
रामलली सिंह ने आरोप लगाया कि तीन लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनके हिस्से की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया। तहसील परिसर में पोस्टर लेकर खड़ी रामलली बार-बार कहती रहीं कि वह जिंदा हैं, फिर भी कागजों में उन्हें मृत दिखाया गया। मामले में एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। तथ्य गलत पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।