इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश।
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पश्चिमी यूपी में औसत से 16 प्रतिशत अधिक और पूर्वी यूपी में दो प्रतिशत अधिक बारिश हुई। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 1358.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बांदा में 1348.4, बिजनौर में 1348.2 और बहराइच में 1343.8 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं 14 जिलों में बारिश 1000 मिलीमीटर से अधिक रही।
दस साल के आंकड़ों में इससे पहले साल 2018 में प्रदेश में 764.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस बार 38.1 मिलीमीटर ज्यादा बारिश हुई। पश्चिमी यूपी में 782.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो दस साल में सर्वाधिक है। पूर्वी यूपी में 817 मिलीमीटर बारिश हुई, लेकिन यहां 2021 का 867.3 मिलीमीटर का आंकड़ा अब भी सबसे अधिक है। मौसम विभाग ने अक्तूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है।
बारिश थमने के बाद राजधानी में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बुधवार को सुबह से ही चटख धूप निकली तो गर्मी का अहसास बढ़ गया। मंगलवार को चली पछुआ हवा बुधवार को थमी रही, जिससे धूप का असर और ज्यादा महसूस हुआ। हालांकि अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बारिश थमने के बाद बीते चार दिनों में राजधानी के अधिकतम तापमान में 8.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार से अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस और बढ़ोतरी हो सकती है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो मंगलवार के बराबर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा, इसमें 0.6 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई।