खाद्य विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-21 के लिए धान खरीद नीति के मसौदे में स्पष्ट कहा है कि किसानों का धान गीला या गंदा होने के आधार पर किसी भी दशा में अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। बल्कि उसे क्रय केंद्र पर सुखाने व साफ करने का मौका दिया जाएगा व मानक पर आने पर खरीदा जाएगा। यदि धान की गुणवत्ता मानक के हिसाब से नहीं आती है और किसान संतुष्ट नहीं है तो वह तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील करेगा और समिति को 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देनी होगी। इस समिति में दो स्वतंत्र किसान भी होंगे। अपरिहार्य परिस्थिति में यदि धन को अस्वीकृत ही करने की स्थिति है तो रिजेक्शन रजिस्टर में किसान के ब्योरे के साथ पूरा प्रकरण दर्ज किया जाएगा। इसकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी और अस्वीकृत किए गए धान का नमूना केंद्र पर रखा जाएगा। इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर जल्दी ही सार्वजनिक करने की तैयारी है।
4,000 क्रय केंद्र खोलने के लिए एजेंसीवार लक्ष्य व प्रक्रिया का निर्धारण भी कर दिया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक क्रय केंद्रों पर सप्ताह में चार दिन सोमवार से बृहस्पतिवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान की खरीदने की योजना है। शुक्रवार व शनिवार के दिन किसान 50 क्विंटल से अधिक धान बेंच सकेंगे। किसानों को पूरे जिले में किसी भी केंद्र पर धान बेचने की छूट होगी। हालांकि वह पहली बार जिस केंद्र पर धान बेचेगा, उसे अगली बार भी उसी केंद्र पर बेचना होगा।
पहली बार फोर्टिफाइड चावल खरीद की तैयारी
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण के अंतर्गत फोर्टिफाइड चावल के वितरण का दायरा बढ़ाते हुए प्रदेश के समस्त जिलों में आईसीडीएस व एमडीएम योजना में चावल वितरण का लक्ष्य तय किया है। 15 अगस्त 2022 से यह योजना प्रस्तावित है। ऐसे में फोर्टिफाइड चावल की वार्षिक आवश्यकता का आकलन कर खरीद पर भी विचार कर रही है। हालांकि इसकी क्या प्रक्रिया होगी, यह तय किया जाना बाकी है।
प्रस्तावित नीति के प्रमुख प्रावधान
- खरीद के लिए तय अवधि में किसान जितना भी गुणवत्तायुक्त धान केंद्र पर लाएंगे, खरीद की जाएगी। बोरों व किसानों के भुगतान की वित्तीय व्यवस्था के प्रबंध के मद्देनजर 70 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।
- लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर जिले तथा बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी में धान की खरीद एक अक्तूबर से 31 जनवरी 2022 तक होगी। लखनऊ संभाग के लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली व उन्नाव जिले तथा चित्रकूट, कानपुर,अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर व प्रयागराज मंडल में एक नवबर से 28 फरवरी 2022 तक होगी।
- क्रय एजेंसियों द्वारा ऐसे कर्मचारियों को जो गत खरीद वर्षों में धान या गेहूं खरीद में गबन में शामिल रहे हैं, उन्हें धान खरीद कार्य से बाहर रखा जाएगा।
- निजी व प्राइवेट भवन में क्रय केंद्र नहीं खोले जा सकेंगे लेकिन अपरिहार्य परिस्थिति में अपवाद स्वरूप मुख्य मार्ग पर स्थित ऐसे भवन किराए पर लिए जा सकेंगे जहां धान भंडारण की सुविधा हो।
- क्रय केंद्रों की रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से जियो टैगिंग की जाएगी।
- प्रत्येक केंद्र पर दो इलेक्ट्रानिक कांटा, एक नमी मापक यंत्र, विनोइंग फैन व पॉवर डेस्टर, डबल जाली का छलना रखा जाएगा।
- किसानों द्वारा लाए गए धान को बिक्री के पूर्व मंडी यार्ड में व्यवस्थित रखवाने तथा गीले धान को मंडी यार्ड में सुखाने के लिए समुचित व्यवस्था होगी। मंडी के बाहर के केंद्र वहीं स्थापित होंगे जहां किसानों को धान सुखाने के पर्याप्त स्थान हों।
- धान खरीद के लिए किसान को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
- धान बेंचने के 72 घंटे में पीएफएमएस के माध्यम से किसान के एकाउंट में भुगतान होगा।
- धान खरीद इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन से किसानों के बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा होगी।