प्रदेश में तैयार हैं 6,700 बेड
प्रदेश में कोविड की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर कोविड मरीजों के लिए 6,700 बेड तैयार किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग पहले चरण में करीब 15 फीसदी बेड को तैयार कर रहा है। इन बेडों के मरीजों से भरने अथवा मरीजों की संख्या बढ़ती क्रम में होने पर अतिरिक्त बेड तैयार किए जाएंगे। कुल तैयार बेडों में स्वास्थ्य विभाग के करीब 3,459 वेंटिलेटर युक्त बेड हैं। संभावित तीसरी लहर को लेकर पुरानी कार्ययोजना को दोबारा अपनाया जाएगा।
हालांकि इन दिनों डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल नहीं चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी है कि जिस जिले में कोविड के एक्टिव केस की संख्या 50 से अधिक होगी, वहां डेडिकेटेड हॉस्पिटल को सक्रिय कर दिया जाएगा। इसी के तहत राजधानी लखऊ में केजीएमयू में 100 और एसजीपीजीआई में 75 बेड का कोविड वार्ड सक्रिय रखा गया है। इसी हिसाब से यहां स्टॉफ की ड्यूटी चार्ट भी तैयार किया गया है।
इसी तरह प्रदेश के 3,602 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 14,408 बेड और 943 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 28,290 बेड हैं। प्रदेश में 551 आक्सीजन प्लांट तैयार हो चुके हैं। विभिन्न अस्पतालों में 23,607 आक्सीजन कंसंट्रेटर भी तैयार किए गए हैं।
नई तकनीक से तैयार किए जा रहे वार्ड
निदेशक (सीएचसी) डा. माला ने बताया कि इमरजेंसी रैपिड प्लान (ईसीआरपी) 2 के तहत प्रदेश की 30 बेड की सीएचसी में फ्री फैब वार्ड के जरिए 20 बेड बढ़ाया जा रहा है। यह सीमेंट, मौरंग, ईंट के बजाए स्टील स्ट्रक्चर की नई तकनीक से तैयार किया गया है। इससे हर सीएचसी में 50 बेड हो जाएंगे। कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने पर पहले चरण में जिला मुख्यालय से दूर स्थिति दो-दो सीएचसी को कोविड अस्पताल बनाया जा सकेगा।
जरूरत के आधार पर बढ़ाया जाएगा स्टाफ
जिला एवं मेडिकल कॉलेजों को मिलकार करीब पांच हजार डॉक्टरों को संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर प्रशिक्षित किया जा रहा है। करीब 8,700 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पहले चरण में विभिन्न अस्पतालों में मौजूद स्टॉफ से कार्य जिला जाएगा। मरीजों की संख्या करीब 100 होने पर नेशनल हेल्थ मिशन के जरिए संविदा के आधार पर डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की भर्ती शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में कमेटी बनाई जा रही है।
दूसरी लहर के दौरान की गई तैयारी का नए सिरे से मूल्यांकन किया गया है। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ेगी, उसी अनुपात में कोविड मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए जाएंगे। फिर डॉक्टर व मैनपॉवर भी बढाया जाएगा। अभी नियमित तौर पर कार्यरत डॉक्टर व अन्य स्टॉफ के जरिए कोविड मरीजों का उपचार शुरू किया गया है। मेडिकल कॉलेजों में भी पर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. वेदब्रत सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य