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यूपी : प्रदेश में लाइव इमरजेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी, सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तेज की कवायद

Wed, 27 Apr 2022 12:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मॉनिटरिंग सिस्टम का नेटवर्क बन जाने से जहां भी दुर्घटना होगी उस क्षेत्र के अस्पताल को ट्रेस करके मरीज को तत्काल उपचार दिया जा सकेगा। इससे घायल की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रदेश में लाइव इमरजेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी है। यह प्रणाली लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। जहां दुर्घटना होगी, उसे उसी क्षेत्र के अस्पताल में तत्काल इलाज मिल सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

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सीएम के निर्देश के बाद चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। मॉनिटरिंग सिस्टम का नेटवर्क बन जाने से जहां भी दुर्घटना होगी उस क्षेत्र के अस्पताल को ट्रेस करके मरीज को तत्काल उपचार दिया जा सकेगा। इससे घायल की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जरूरत पर उसे उच्च संस्थान से चिकित्सा सुविधा भी मुहैया कराई जा सकेगी। मोबाइल एप आधारित डिजिटल प्लेटफार्म एवं कमांड कॉल सेंटर से मरीज को मिल रहे उपचार, एंबुलेंस सेवा और अस्पताल की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इस इमरजेंसी ट्रॉमा केयर नेटवर्क से लेवल वन, टू, थ्री स्तर के अस्पताल, आकस्मिक चिकित्सा केंद्र और सीएचसी को जोड़ा जाएगा। इस नेटवर्क से प्रतिदिन 40 हजार कॉल रिसीव करने की तैयारी है।

इस तरह बनेगा नेटवर्क
डीजीएमई डॉ. एनसी प्रजापति ने बताया कि इमरजेंसी ट्रॉमा केयर नेटवर्क से प्रदेश की इमरजेंसी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। जल्द ही कॉल सेंटर एवं मोबाइल एप तैयार किया जाएगा। इससे आकस्मिक चिकित्सा केंद्र 6 लेवल वन के अस्पताल, 12 लेवल टू के अस्पताल और 1000 सीएचसी को इससे जोड़ा जाएगा। पांच साल में सभी एंबुलेंस क्रियाशील कर 14 लेवल वन के अस्पताल, 35 लेवल टू के अस्पताल और 3000 पीएचसी तक इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जरूरत के मुताबिक संबंधित क्षेत्र के निजी अस्पताल भी इससे जोड़े जाएंगे।

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