राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) द्विग विजेंद्र पाल को अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के पद पर पदावनत कर दिया गया है। पाल को अधिशासी अभियंता के न्यूनतम वेतनमान के स्तर पर पदावनत किया गया है। पनकी में तैनाती के दौरान बतौर प्रबंधक विद्युत परिषद इंटर कॉलेज में नियम विरुद्ध प्रवक्ता के सात पदों पर प्रोन्नति देने के मामले में उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।
नियम विरुद्ध पदोन्नति का मामला एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल ने 2019 में सदन में उठाया था। इसके बाद हुई जांच में दोषी पाए जाने पर राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एम. देवराज ने सोमवार को पाल को एसई से एक्सईएन के पद पर पदावनत करने के आदेश जारी कर दिए। आदेश में उन्हें कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का दोषी ठहराते हुए कहा गया है कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप सही हैं। पाल ने उप्र सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। प्रबंधन ने उनके इस कृत्य को घोर कदाचरण की श्रेणी में माना है। पाल वर्तमान में हरदुआगंज (अलीगढ़) तापीय परियोजना में कार्यरत हैं।
ये है मामला
द्विग विजेंद्र पाल पनकी में तैनाती के दौरान अधीक्षण अभियंता के साथ विद्युत परिषद इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। विधान परिषद में इस कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर नियम विरुद्ध पदोन्नतियों का मामला उठाए जाने के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ कि 1 फरवरी 2018 को आदेश जारी कर प्रवक्ता के सात पदों पर प्रोन्नति दी गई जो निर्धारित कोटे से ज्यादा थी। विस्तृत जांच में पाया गया कि प्रवक्ता के प्रोन्नति से भरे जाने वाले मात्र तीन पद होने के बावजूद सात पदों पर प्रोन्नति की गई।