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UP: आलू व केले के छिलके अब कचरा नहीं, इनसे सुधरेगी सेहत... खाद्य अपशिष्ट से बनेगा रेसिस्टेंट स्टार्च

Sun, 05 Oct 2025 09:24 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप के शोध को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने खाद्य अपशिष्ट से रेसिस्टेंट स्टार्च बनाने की तकनीक पर शोध किया है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने आलू व केले के छिलके, चावल की भूसी और कृषि के क्षेत्र में कचरा समझे जाने वाली अन्य ऐसी चीजों से एक खास तरह का प्रतिरोधी (रेसिस्टेंट) स्टार्च तैयार किया है। यह खास रेसिस्टेंट स्टार्च ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। साथ ही यह हमारी आंतों के लिए फायदेमंद है। ये लंबे समय तक भूख न लगने में भी हमारी मदद करता है।

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लविवि में वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने अपने शोध के जरिये यह संभव किया है। डाॅ. प्रदीप के शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पहचान मिली है। उनके इस कार्य को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका बायोरिसोर्स टेक्नोलाॅजी के इंपैक्ट फैक्टर में प्रकाशित हुआ है। इस शोध में एंजाइम तकनीक, अल्ट्रासाउंड विधि और थर्मल प्रोसेसिंग जैसी पर्यावरण के अनुकूल (ग्रीन टेक्नोलॉजी) विधियों का इस्तेमाल किया गया है। डॉ. प्रदीप के अनुसार रेसिस्टेंट स्टार्च बनाने की उनकी विधि काफी सरल और किफायती है। इसके प्रयोग से रेसिस्टेंट स्टार्च का उत्पादन करके लोगों की सेहत में सुधार किया जा सकता है। वर्तमान में रेसिस्टेंट स्टार्च बनाने की ज्यादातर तकनीक जटिल और महंगी हैं।

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जानें क्या है रेसिस्टेंट स्टार्च
रेसिस्टेंट स्टार्च (प्रतिरोधी स्टार्च) एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है जो छोटी आंत में नहीं पचता है और सीधे बड़ी आंत में चला जाता है। बड़ी आंत के लाभकारी बैक्टीरिया (गुड बैक्टीरिया) के लिए एक प्रीबायोटिक के ताैर पर काम करता है। इससे पेट और पाचन स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसके साथ ही यह ब्लड शुगर का नियंत्रण, बेहतर इंसुलिन संवेदनशीलता और आंत के स्वास्थ्य में सुधार इसके कार्य में शामिल हैं। आलू, हरे केले, फलियों, और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थों में रेसिस्टेंट स्टार्च की मात्रा काफी होती है।

लविवि के प्रवक्ता डॉ. मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे उन्नत शोध के जरिये यदि खाद्य अपशिष्ट का सही उपयोग किया जाए तो इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ ही सेहत के लिए उपयोगी चीजों निर्माण किया जा सकता है।

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