फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजलीकर्मियों और पुलिस के बीच मारपीट

Wed, 11 Feb 2015 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे की राजधानी में मंगलवार को बिजली कर्मियों और पुलिस के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ। 45 मिनट तक चले संघर्ष में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), पीएसी एवं कर्मचारी नेता समेत 20 से अधिक लोग घायल हुए।
विज्ञापन


पथराव और लाठीचार्ज में 50 से अधिक वाहन टूटे और पुलिस की जीप को फूंक दिया। हालात बेकाबू होने पर डीआईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे और इसके बाद बिजली कर्मियों को शक्ति भवन और श्रीराम टावर से निकाल दौड़ा-दौड़ाकर धुना गया।

पुलिस ने 70 से अधिक प्रदर्शनकारियों गिरफ्तार किया है। हजरतगंज क्षेत्र में इस घटना की शुरुआत दोपहर 12:05 बजे हुई।

उस वक्त विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की रैली सिकंदरबाग चौराहे से वाया शक्ति भवन होते हुए विधान भवन की तरफ जा रही थी।

शक्ति भवन और नवचेतना केंद्र  के बीच चौराहे पर पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने से रोक लिया। इससे बिजली कर्मियों और पुलिस के बीच पहले नोक झोक हुई।

लाठी चलते ही शुरू हुआ पथराव

बाद में पुलिस ने लाठी चला दी। लाठी चलते ही कर्मियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। सैकड़ों बिजली कर्मियों के सामने पुलिस की तादाद 30-35 होने के कारण वह भाग खड़े हुए।

इस पर बिजली कर्मियों ने पथराव करते हुए पुलिस को काफी दूर तक खदेड़ते हुए ले गए। कर्मियों ने पुलिस की जीप और एक मोटर साइकिल में आग लगा दी जो धू-धू कर जलने लगी।

पुलिस बूथ में तोड़फोड़ करने के बाद सीसीटीवी कैमरे के मॉनीटर को आग में डालने के बाद कंप्यूटर उठा ले गए।

अशोक मार्ग पर बिजली कर्मियों एवं पुलिस के भिड़ने के बाद दोनो तरफ का आवागमन थम गया। पथराव में एसपी (ट्रैफिक) ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी का हाथ चोटिल हो गया।
 
बिजली कर्मियों के उग्र होने की सूचना पर एसएसपी यशस्वी यादव एपीएसी एवं रैपिड एक्शन फोर्स लेकर पहुंचे और लाठीचार्ज शुरू हो गया।

गुम्मे से पटा शक्ति भवन

पुलिस को आक्रामक देखकर बिजली कर्मचारी जान बचाने के लिए शक्ति भवन, श्रीराम टॉवर और नरही की गलियों में घुस गए।

इसके पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स को जो कर्मचारी मिला उसको सड़क पर लिटा-लिटा कर मारा जिससे लहूलुहान हो गए।

इसी बीच डीआईजी आरके चतुर्वेदी भी पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने सिलसिला शुरू हुआ।


बिजली कर्मियों की रैली के चलते शक्ति भवन के सभी गेट पहले से ही बंद हो गये थे। शक्ति भवन के सामने से जब रैली गुजरी तो सुरक्षा कर्मियों से उनका टकराव हुआ।

पथराव में पुलिस ने मैदान छोड़ दिया तो बिजली कर्मियों ने सड़क के डिवाइडर को तोड़ उसके गुम्मे और रेलिंग से शक्ति भवन पर चारो गेट से धावा बोल दिया।
 
इससे शक्ति भवन का गेट क्षतिग्रस्त हुआ और लाठी से सुरक्षा गुमटी में आग लगा दी। लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने गुमटी की आग को बुझा लिया।

तोड़ी सरकारी गाड़ियां

इसके बाद टेलीफोन के जंक्शन बॉक्स में आग लगा दी। बिजली कर्मियों के पथराव से मध्यांचल निगम के एमडी स्टाप अफसर अनिल पांडेय की कार (यूपी 32 सीके 0909), एसपी विजिलेंस की कार (यूपी 34 जे0603) सहित अफसरों की 50 कार क्षतिग्रस्त हो गई।

जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट अंबेसडर, इंडिका लग्जरी कारें शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने इस कदर पथराव किया कि शक्ति भवन गुम्मों से पट गया।

पीएसी ने जब शक्ति भवन में छिपे प्रदर्शनकारियों को पकड़-पकड़ कर पीटना शुरू किया तो मुख्यालय के कर्मियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

कहीं पिटी पीएसी, कहीं कर्मचारी

शक्ति भवन से नवचेतना बिल्डिंग के बीच में जो जिसको मिल रहा था वह उसको पीट रहा था। यानी कही बिजली कर्मी पीएसी को पीट रहे थे तो कहीं पीएसी कर्मचारी को सड़क पर लिटाए थी।

पीएसी दरोगा ओमप्रकाश सिंह का पथराव में सिर फट गया तो जवानों ने एक सफेद पैंट-शर्ट में आए नेता को लाठियों से पीट-पीट कर लहूलुहान कर दिया।

इस संघर्ष में नरही चौकी इंचार्ज रमेश सिंह यादव की ग्लैमर बाइक फूंकी और घायल भी हुए। स्पलेंडर और रिक्शे में आग लगाई।

एएसपी पूर्वी राजेश कुमार और 6-7 अन्य पुलिस कर्मियों को चोटें आयी। वही कर्मचारी मोहन पांडेय जौनपुर, सत्य प्रकाश गोंडा, एपी त्रिपाठी गोंडा, नंदलाल यादव गाजीपुर, संदीप सहारनपुर और लखनऊ के एके श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार आदि शामिल हैं।
विज्ञापन

बोले एसएसपी, भाग जाओ वरना अंदर करवा दूंगा

बिजली कर्मियों पर बर्बरता पूर्वक हो रहे लाठीचार्ज को जब मीडिया कर्मी कवरेज करने लगे तो एसएसपी ने धक्का-मुक्की करके उनको रोकने का प्रयास किया।

एसएसपी की इस हरकत पर इलेक्ट्रानिक्स मीडिया कर्मियों ने आपत्ति दर्ज कराई तो विवाद होने लगा। मीडियाकर्मी एसएसपी के खिलाफ लामबंद होने लगे तो उसने धमकाया कि भाग जाओ वर्ना अरेस्ट करा दूंगा।

संघर्ष समिति के प्रवक्ता ने एलान किया कि 12 फरवरी को प्रदेश के बिजली कर्मचारी बर्बर लाठीचार्ज एवं गिरफ्तारी के विरोध में काला दिवस मनाएंगे।

और 24 एवं 25 फरवरी को कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। इस दौरान बिजली बनाने वाली परियोजना से लेकर बिजली ठीक करने वाले कर्मचारी काम नहीं करेंगे। इसकी नोटिस मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव ऊर्जा को भेजी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें