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अलविदा 2018: खौफनाक चेहरे में दिखी पुलिस, इनकाउंटर से लेकर जादुई चश्मा गैंग तक का रहा आतंक

Sun, 30 Dec 2018 06:01 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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राजधानी लखनऊ में अफसरों ने वर्ष 2018 में पुलिसिंग में सुधार के लाख दावे किए, पर इसका असर पूरे साल कहीं नहीं दिखा। मामला चाहे विवेक तिवारी हत्याकांड में सिपाही प्रशांत चौधरी का हो या फिर ट्रैफिक लोड वाले चौराहों पर घूस लेकर नो एंट्री में ट्रकों को एंट्री कराते पकड़े गए ट्रैफिक कर्मियों का।

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राजधानी पुलिस कहने को तो हाईटेक है, लेकिन इसकी तेजी अपराध नियंत्रण में न होकर अपराधियों के संरक्षण में ज्यादा दिखती है। बावरिया गिरोह के डकैतों ने 13 घरों में डकैती व हत्या करके पुलिसिंग के दावों की धजि्जयां उड़ा दी थी। यही नहीं, पॉलीटेक्निक छात्रा संस्कृति और मड़ियांव में दंपती द्वारा अपनी बेटी, फिर पड़ोसी की बेटी को मार डालने की वारदात ने एक बार फिर पुलिस के गश्त पर सवालिया निशान लगाया।

विवेक तिवारी हत्याकांड
साल 2018 के पहले दिन पुलिस अफसरों ने मातहतों को मित्र पुलिस का पाठ पढ़ाया था, लेकिन विवेक तिवारी हत्याकांड के रूप में खाकी का खौफनाक चेहरा सामने आया। गश्त पर निकले सिपाही प्रशांत चौधरी ने महिला मित्र के साथ कार से जा रहे विवेक को गोली से उड़ा दिया।
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प्रशांत ने इसे आत्मरक्षार्थ फायरिंग बता दिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पड़ताल शुरू कराई गई। 81 दिन की जांच में एसआईटी ने माना कि प्रशांत ने जानबूझकर गोली मारी थी।

राजभवन के पास से लूटी गई कैशवैन तो ठाकुरगंज ने वर्चस्व की जंग में हत्या

- फोटो : amar ujala
एक बदमाश ने राजभवन के पास गनमैन को गोली से उड़ाकर कैशवैन से नोटों से भरे बैग लूटे। फुटेज हाथ लगने पर अफसरों ने रूटचार्ट तैयार कर उसे रायबरेली से गिरफ्तार किया। इसी तरह विभूतिखंड में बाइक सवारों ने 29 अक्तूबर की सुबह बिहारी गैस एजेंसी के कैशियर श्याम सिंह की बैंक ऑफ इंडिया के सामने गोली मारकर हत्या करके 10 लाख रुपयों से भरा बैग लूटा।

फुटेज हाथ लगने पर पुलिस ने शूटर को फैजाबाद स्टेशन से दबोच लिया। ठाकुरगंज में वर्चस्व की जंग के चलते शिवम सिंह और उसके साथियों ने तीन अक्तूबर की रात कैब चालक इमरान गाजी व उसके भाई अरमान की हत्या की। फुटेज ने पुलिस की राह आसान की। घेराबंदी के दौरान शिवम ने खुद को गोली से उड़ा लिया।

जादुई चश्मा गैंग ने लाखों वसूले, फिर जान ली
जादुई चश्मा गैंग ने गुजरात के व्यापारियों को सात फीट गहराई में देखने वाले सौ करोड़ के चश्मे का झांसा दिया। जानकीपुरम के मकान में बंधक बनाकर यातनाएं दीं। व्यापारियों ने परिचितों से रुपये मंगवाकर बदमाशों को सौंपे और चकमा देकर भागे। एक व्यापारी की ट्रॉमा में मौत हुई और दूसरे ने गुजरात में घर पर दम तोड़ा। पुलिस राजस्थान पहुंची। बदमाशों ने वहां भी गुजरात के तीन व्यापारियों को बंधक बना रखा था।

रिश्तों का कत्ल: मां ने घरेलू विवाद नौकर के साथ मिलकर बेटे को मार डाला

अभिजीत उर्फ विवेक यादव - फोटो : amar ujala
दारुलशफा में विधान परिषद सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत की 20 अक्तूबर की रात बेडरूम में हत्या कर दी गई। मां-भाई ने बीमारी से मौत की कहानी सुनाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बयान गलत साबित हुए। खुलासा हुआ कि मां मीरा यादव ने घरेलू विवाद में नौकर की मदद से हत्या की थी।

नाका में हार्डवेयर व्यवसायी राजीव मेहरोत्रा की पत्नी व सीडीआरआई में लैब टेक्नीशियन बीना मेहरोत्रा की 20 जनवरी की दोपहर घर में हत्या कर दी गई। पुलिस ने नौकर लक्ष्मीकांत गोस्वामी को गिरफ्तार किया।

दो जवानों की मौत
सरोजनीनगर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र के गार्ड रूम में 25 अगस्त की दोपहर एके-47 की गोलियों से छलनी होकर हवलदार अरविंद कुमार की मौत हो गई। अफसरों ने खुदकुशी बताया, जबकि परिवारीजनों ने हत्या का केस दर्ज कराया। जांच चल ही रही थी कि एक और जवान की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हुई।

भाजयुमो नेता ने खुद पर हमले की साजिश में गंवाई जान

प्रत्यूष मणि त्रिपाठी - फोटो : amar ujala
नाका में मोबाइल व्यवसायी करन गुप्ता ने लाखों के कर्ज से परेशान होकर खुद पर हमले व लूट की साजिश रची। परिवार ने एक व्यापारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मोबाइल की वॉयस रिकॉर्डिंग से राज उजागर हुआ। नौकर व वारदात अंजाम देने वाले युवक पकड़े गए।

भाजयुमो नेता प्रत्यूषमणि त्रिपाठी ने रंजिश में पड़ोसियों को संगीन धाराओं में गिरफ्तार कराने और गनर की लालसा में खुद पर हमले की साजिश रची। सच सामने आने पर प्रत्यूष के पांच दोस्तों को गिरफ्तार किया गया। गुडंबा में एक पेंटर ने कारोबारी से रंजिश में खुद पर तमंचे से फायर कराया और उस्तरे से गला कटवाया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि चारों नामजद में से कोई गुडंबा क्षेत्र में नहीं था।

पांच दिन में 13 घरों में डकैती और अपहरण भी

- फोटो : डेमो
2018 की शुरुआत में पांच दिन में 13 घरों में डकैती और हत्या कर बदमाशों ने राजधानी को दहला दिया। इसके बाद बावरिया गिरोह के डकैतों को पकड़ा गया। फिर बांग्लादेशी डकैतों ने वारदातें शुरू कर दीं। इस बार पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर एक ही रात में दो मुठभेड़ में बांग्लादेशी डकैतों को दबोचा। साल के अंत में 30 लाख की फिरौती वसूलने के लिए छात्र के अपहरण की वारदात से हड़कंप मचा। पुलिस ने 13 घंटे में अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर छात्र को छुड़ाया।

छुट्टी घोटाले का भंडाफोड़
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने महकमे में 91 लाख के छुट्टी घोटाले का भंडाफोड़ किया। मोहर्रम पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने के दौरान खुलासा हुआ कि एक जनवरी से 5 सितंबर तक 190 पुलिसकर्मियों के उपार्जित अवकाश स्वीकृत किए गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 38 को पुलिस लाइन की हिंदी आदेश पुस्तिका में दर्ज किया गया। शेष ने महीना भर छुट्टी काटने के बाद ड्यूटी शुरू की। उन्हें अभिलेख में दर्ज न करने के लिए डील हो रही थी।

पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी-जेल
कप्तान ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के बारे में छानबीन शुरू की तो और खेल सामने आने लगे। एक पुलिसकर्मी बाजार खाला इलाके में ड्यूटी से नदारद होकर हमीरपुर में मुशायरे का आयोजन करा रहा था। इसी तरह तीन दर्जन पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ पुरानी पत्रावलियां खंगालीं तो अपराधियों से साठगांठ कर फरार कराने का खेल सामने आया। इस पर तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी करने के साथ चार साल से फाइल दबाने की जांच शुरू कराई गई।
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ये कहते है विभाग के जिम्मेदार अफसर

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी
लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय का कहना है कि वर्ष 2018 में राजधानी में संगीन वारदातें हुईं, लेकिन पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ करके खुलासे किए। बावरिया गिरोह के डकैतों को पकड़ने में सर्विलांस काम आया तो हजरतगंज में गनमैन को गोली से उड़ाकर नोटों से भरा बैग लूटने की वारदात में सीसीटीवी कैमरे की उपयोगिता साबित हुई।

जोरशोर से अभियान चला तो करीब 80 फीसदी लोगों ने हेलमेट लगाना शुरू किया। कई संगीन वारदातों में पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेजने के बजाय वारदात अंजाम देने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी करके नागरिकों का विश्वास जीता।

एसटीएफ की तर्ज पर होगी धरपकड़
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी का कहना है कि वर्ष 2019 में महिला संबंधी अपराधों में वीमेन पावर लाइन-1090 के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच का अभिसूचना तंत्र मजबूत करके एसटीएफ की तर्ज पर अपराधियों की धरपकड़ की जाएगी। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करके नागरिकों को जाम से निजात दिलाने के हर संभव प्रयास करेंगे।

पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ऑपरेशन क्लीन जारी रहेगा। पुलिसकर्मियों के आवास व अन्य सुविधाओं के लिए ठोस प्रयास होंगे। निष्प्रयोज्य भवनों के स्थान पर नवनिर्माण व बहुमंजिली बैरकें बनवाई जाएंगी।
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